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June 19, 2026
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जातीय जनगणना पर बदलेगा केंद्र का रुख? नीतीश की अगुवाई में आज पीएम मोदी से मिलेंगी बिहार की 10 पार्टियां

बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्‍व में 10 राजनीतिक दलों का एक प्रतिनिधिमंडल आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से म‍िलेगा। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव भी इस प्रतिनिधिमंडल का हिस्‍सा होंगे। सोमवार सुबह 11 बजे होने वाली इस मुलाकात में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल मांग रखेगा कि भारत सरकार जाति आधारित जनगणना कराए। भाजपा की तरफ से भी इस कदम का समर्थन दिख रहा है। पार्टी के राज्‍यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी ने कहा कि भाजपा ने हमेशा से जाति आधारित जनगणना का समर्थन किया है। बीजेपी भी उन 10 दलों के प्रतिनिधिमंडल में शामिल है, जो पीएम से मिलने वाला है। हालांकि केंद्र सरकार का रुख अबतक इस मसले पर नकरात्‍मक ही रहा है।
पीएम मोदी से कौन-कौन मिलेगा? : नीतीश कुमार के अलावा कैबिनेट मंत्री जनक राम प्रतिनिधिमंडल में भाजपा की बिहार इकाई का प्रतिनिधित्व करेंगे। राजद के तेजस्वी यादव, विजय चौधरी (जदयू), जीतन राम मांझी (हम), मुकेश साहनी (वीआईपी), अजीत शर्मा (कांग्रेस), अख्तरुल इमाम (एआईएमआईएम), महबूब अल (सीपीआई-एमएल), सूर्यकांत पासवान और अजय कुमार भी प्रधानमंत्री से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा होंगे।
ज्‍यादातर पार्टियां हैं कदम के समर्थन में, मगर केंद्र नहीं : पिछले दिनों संसद के मॉनसून सत्र में इस मुद्दे पर विपक्षी सांसदों ने आवाज उठाई थी। संविधान (127वां संशोधन) विधेयक 2021 पर चर्चा के दौरान, विपक्ष के कई नेताओं ने कहा कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए और आरक्षण पर 50 प्रतिशत की सीलिंग खत्‍म की जानी चाहिए। हालांकि अभी तक केंद्र सरकार इस मांग को मानने से कतराती रही है। 20 जुलाई को लोकसभा में लिखित प्रश्‍न के जवाब में गृह राज्‍य मंत्री नित्‍यानंद राय ने कहा था कि ‘भारत सरकार ने नीतिगत स्‍तर पर SCs और STs के अलावा जाति आधारित जनगणना ना करने का फैसला किया है।’
लंबे वक्‍त से मांग करते रहे हैं बिहार के नेता : नीतीश ने जाति आधारित जनगणना के मसले पर बैठक के लिए 4 अगस्त को राजद नेता तेजस्वी यादव की मांग पर पीएम नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा था। तेजस्वी यादव और लालू प्रसाद देश में जाति आधारित जनगणना की मांग करते रहे हैं। जाति आधारित जनगणना पर नीतीश कुमार पहले ही कह चुके हैं कि वे बिहार में होने वाली जाति आधारित जनगणना पर फैसला लेंगे, लेकिन पहले वह पीएम नरेंद्र मोदी के फैसले का इंतजार करेंगे। जदयू के दूसरे नेता पहले ही कह चुके हैं कि बिहार सरकार जाति आधारित जनगणना अपने दम पर कराने में सक्षम है।
नहीं माने तो बिहार में अलग से जातीय जनगणना? : नीतीश बार-बार कह चुके हैं कि जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए। शनिवार को बिहार सीएम ने कहा था, “इसी पर हमलोग अपनी बात रखेंगे। यह केंद्र सरकार के ऊपर निर्भर है कि वो क्या निर्णय लेती है।” नीतीश ने उम्‍मीद जताई थी कि प्रधानमंत्री इस पर सकारात्मक रूख अपनाएंगे। जब नीतीश से यह पूछा गया कि राष्‍ट्रीय स्‍तर पर जाति आधारित जनगणना के लिए केंद्र तैयार नहीं होता तो क्‍या बिहार सरकार खुद राज्‍य में ऐसा कदम उठाएगी, तो उन्‍होंने कहा कि ‘इस पर विचार किया जाएगा।’

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