28.2 C
Madhya Pradesh
September 18, 2026
Pradesh Samwad
देश विदेश

कब्जाई जमीन लौटाओ… चीन के खिलाफ नेपाल में फूटा गुस्सा, काठमांडू में सड़कों पर उतरे लोग

नेपाली जमीन पर चीन के कब्जे के विरोध में काठमांडू में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे। उन्होंने चीन से कब्जाई जमीन लौटाने की मांग की। महंत ठाकुर की अगुवाई वाली नेपाल की डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट पार्टी से संबद्ध एक युवा संगठन ने चीन के खिलाफ मंगलवार को जबरदस्त विरोध प्रदर्शन किया। चीन ने नेपाल की जमीन पर कब्जा कर लिया है और पिछले साल हुमला में नौ इमारतों का निर्माण किया। चीन के दूतावास ने हाल में एक बयान जारी कर दावा किया था कि नेपाल और चीन के बीच कोई सीमा समस्या नहीं है।
काठमांडू की सड़कों पर बैनर-झंडों के साथ उतरे लोग : डेमोक्रेटिक यूथ एसोसिएशन के करीब 200 सदस्यों ने ध्वज मन मोकतन के नेतृत्व में काठमांडू शहर के बीचोंबीच मैतीघर मंडाला में प्रदर्शन किया और पोस्टर लहराये जिन पर लिखा था ‘हमारी कब्जाई जमीन लौटा दो’। प्रदर्शनकारियों ने यह मांग भी उठाई कि नेपाल-चीन सीमा पर लीमी लापचा से हुमला जिले में हिल्सा तक चीन द्वारा कथित भूमि अतिक्रमण का अध्ययन करने के लिए बनाई गयी समिति की रिपोर्ट सरकार को सार्वजनिक करनी चाहिए।
नेपाल ने चीनी कब्जे की जांच को बनाई है कमेटी : नेपाल ने अपनी जमीन पर चीन के कब्जे वाले मामले की जांच के लिए एक हाईलेवल कमेटी के गठन का ऐलान किया है। यह कमेटी चीन के साथ सभी सीमा मुद्दों को लेकर अपनी रिपोर्ट देउबा सरकार को सौंपेगी। इस कमेटी को बनाने का फैसला प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा के बालूवतार स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में लिया गया। पिछले साल भारत के साथ गलवान में हुई सैन्य झड़प के तुरंत बाद चीन ने नेपाल के हुमला में करीब 150 हेक्टेयर भूमि पर कब्जा कर लिया था।
विवादित इलाके का अध्ययन करेगी कमेटी : नेपाल सरकार के प्रवक्ता ज्ञानेंद्र बहादुर कार्की ने कहा कि समिति हुमला जिले में लिमी लापचा से लेकर नमखा ग्रामीण नगरपालिका के हिलसा तक, नेपाल-चीन सीमा से संबंधित समस्याओं का अध्ययन करेगी। चीन ने कथित तौर पर नेपाली भूमि पर अतिक्रमण कर पिछले साल हुमला में नौ इमारतें बनाई थीं। मुख्य जिला अधिकारी के नेतृत्व में एक सरकारी टीम ने भी स्थल पर अध्ययन किया है।
चीनी मीडिया ने अपने इलाके में बताया था निर्माण : चीन की सरकारी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने दावा किया था कि ये बिल्डिंग्स दक्षिण पश्चिम चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के बुरंग काउंटी में एक नवनिर्मित गांव में बने हुए हैं। बुरंग काउंटी के विदेशी संबंध कार्यालय निदेशक बेकी के हवाले से ग्लोबल टाइम्स ने लिखा था कि मई महीने में इनका निर्माण शुरू करने से पहले सैन्य और स्थानीय पेशेवर सर्वेक्षण और मैपिंग कर्मियों इस क्षेत्र का विस्तृत मैपिंग की। इससे यह सुनिश्चित किया गया कि इन बिल्डिंग्स का निर्माण चीन की तरफ हो।

Related posts

यूक्रेन को M270 मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर भेजेगा ब्रिटेन

Pradesh Samwad Team

यूक्रेनी शरणार्थियों को आश्रय देने पर अपने नागरिकों को हर महीने 350 पाउंड देगी ब्रिटेन सरकार

Pradesh Samwad Team

10 प्रशांत राष्ट्रों के साथ नए समझौते करने में विफल रहा चीन, नहीं चली ड्रैगन की चाल

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment