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दिग्विजय ने आरएसएस संचालित सरस्वती शिशु मंदिर के खिलाफ दिया विवादित बयान


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) द्वारा संचालित सरस्वती शिशु मंदिर (स्कूल) के खिलाफ विवादित बयान दिया है। सिंह ने कहा, ‘‘सरस्वती शिशु मंदिर बचपन से लोगों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोतें है। वही नफरत का बीज धीरे-धीरे आगे बढ़कर देश में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ता है, सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते हैं।’’ उन्होंने शनिवार को भोपाल के नीलम पार्क में एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस
सिंह ने कहा, ‘‘सरस्वती शिशु मंदिर बचपन से लोगों के दिल और दिमाग में दूसरे धर्मों के खिलाफ नफरत का बीज बोतें है। वही नफरत का बीज धीरे-धीरे आगे बढ़कर देश में सांप्रदायिक सदभाव को बिगाड़ता है, सांप्रदायिक कटुता पैदा करता है, धार्मिक उन्माद फैलाता है और देश में दंगे फसाद होते हैं।’’
उन्होंने शनिवार को भोपाल के नीलम पार्क में एक विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए यह बात कही। इस बयान का वीडियो रविवार को सामने आया, जिसके बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सिंह को मदरसों के बारे में बोलना चाहिए, जहां आतंकवाद को पैदा किया जाता है और मानवता को कुचला जाता है।
भाजपा महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने रविवार रात को ट्वीट किया, ‘‘दिग्विजय जी, सरस्वती शिशु मंदिर के बच्चे रोज प्रार्थना करते हैं- एक प्रार्थना हे जगदीश्वर, नित्य तुम्हारे चरणों में, लग जाये तन-मन मेरा, मातृभूमि की सेवा में। सरस्वती शिशु मंदिर देश भक्ति की पाठशाला हैं, इन पर उंगुली केवल मतिभ्रम का शिकार व्यक्ति ही उठा सकता है।’’
उन्होंने आगे लिखा, ‘‘दिग्विजय जी आतंकवादी ओसामा के नाम के साथ ‘जी’ लगाना, आतंकी जाकिर नाइक को ‘शांतिदूत’ बताना, बटाला हॉउस एनकाउंटर को झूठा बोलकर इंस्पेक्टर मोहन शर्मा की शहादत को अपमानित करना, सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगना,ये सब कांग्रेस की किस पाठशाला में पढाया जाता है, देश जानना चाहता है।’’
एक अन्य भाजपा नेता एवं विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा, ‘‘सिंह को मदरसों के बारे में बोलना चाहिए, जहां आतंकवाद को पैदा किया जाता है और मानवता को कुचला जाता है। बंद करना है तो मदरसों को करो, इनकी तालीम को करो, जहां से अलगाववाद फैलता है, जहां से वैमनस्यता फैलती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘शिशु मंदिर में राष्ट्रप्रेम, धर्म प्रेम, स्नेह भाव, बंधुत्व और प्यार है। सबको साथ लेने की क्षमता है।’’

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