33.4 C
Madhya Pradesh
June 19, 2026
Pradesh Samwad
खेल

ओलिंपियन श्री विवेक सागर बने क्रिस्प के स्पोर्टस प्रमोटिंग ब्रांड एम्बेसडर


क्या हमें अपनी स्वाभाविक जन्मजात प्रतिभाओं, क्षमताओं और शक्तियों की जानकारी है? क्या हम अपनी प्रतिभाओं के प्रति सजग है? सेंटर फॉर रिर्सच एण्ड इंडस्ट्रियल स्टाफ परफॉरमेस (क्रिस्प) द्वारा ऐसे ही एक सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है जिसकी मदद से फिंगर प्रिंट के द्वारा व्यक्तिव विशलेषण किया जा सकता है। गुरूवार को प्रदेश के ओलिंपिक हॉकी खिलाड़ी श्री विवेक सागर ने श्यामला हिल्स स्थित क्रिस्प संस्थान में डरमैटोगलाइफिक्स मल्टिपल इंटेलीजेन्स टेस्ट (DMIT) सॉफ्टवेयर का शुभारंभ किया। इस अवसर पर श्री विवके सागर का फिगंर प्रिंट के माध्यम से ब्रेन मेंपिग भी किया गया। ओलिंपियन श्री विवेक सागर के सम्मान में गुरूवार को आयोजित कार्यक्रम में क्रिस्प संस्थान ने उन्हें स्पोटर्स प्रमोटिंग ब्रांड एम्बेसडर घोषित किया।
सम्मान हमेशा मोटिवेट करता है : ओलिंपियन हॉकी खिलाड़ी श्री विवेक सागर ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए सम्मान हमेशा प्रोत्साहित करता है। हर क्षेत्र में शुरूआत में मुश्किलें आती है, लेकिन परिवार का सहयोग, प्रोत्साहन और खुद में कुछ कर गुजरने का जूनून सफलता की राह दिखाता है। श्री विवेक ने कहा कि क्रिस्प संस्थान द्वारा तैयार की गई नई आधुनिक वैज्ञानिक तकनीक (DMIT) अब प्रदेश में नए टैलेंट को निखारने में मददगार साबित होगी। वर्तमान में प्रदेश खेलों के क्षेत्र में आगे है और खेल विभाग में खिलाड़ियों को बेहतरीन सुविधाओं के साथ आधुनिक तकनीकों से लैस हर प्रकार की सुविधा उपलब्ध है। क्रिस्प द्वारा शुरू किए गए (DMIT) सॉफ्टवेयर से छोटी उम्र के बच्चों को खेल में रूचि और उनकी क्या क्वालिटी है यह पता लग सकेगा। यह सॉफ्टवेयर टेलेंट सर्च में भी काफी मददगार साबित होगा।
स्पोटर्स एक बड़ी इंडस्ट्री है : क्रिस्प सोसाइटी के अध्यक्ष डॉ. श्रीकांन्त पाटिल ने कहा कि स्पोटर्स एक बड़ी इंडस्ट्री है। भारत युवाओं का देश है। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान के आत्म-निर्भर मध्यप्रदेश की अवधारणा को पूरा करने में युवा शक्ति का सकारात्मक सहयोग आवश्यक है। उन्होंने ओलिंपियन श्री विवेक सागर को सम्मानित करते हुए कहा कि विवेक आज यूथ ऑइकन बन गए है। उनकी लगन और मेहनत ने उन्हें इस मुकाम तक पहुँचाया है। श्री पाटील ने कहा कि क्रिस्प संस्थान द्वारा तैयार DMIT सॉफ्टवेयर विभिन्न प्रकार के एनालिसिस करता है। इस तकनीक से फिगंर प्रिंट की मदद से हमारे मस्तिष्क को जाना जा सकता है।
डी एम आई टी : क्रिस्प की मेनेजर डॉ. संस्कृति मिश्रा ने बताया कि डरमैटोग्लाइफिक्स मल्टिपल इंटलीजेन्स एनालिसिस एक विज्ञान है, जिसमें हाथों के फिगंर प्रिंट का अध्ययन किया जाता है। उन्होंने बताया कि पहले इस विधा का प्रयोग अपराध विज्ञान के लिए किया जाता था। इसके बाद इस अध्ययन का प्रयोग शारीरिक और मानसिक रोग की पहचान करने के लिए किया जाने लगा। डा. मिश्रा ने बताया कि इस दौरान ये पाया गया कि फिगंर प्रिंट का संबंध हमारे मस्तिष्क से होता है, फिगंर प्रिंट तथा मस्तिष्क का विकास भ्रूण अवस्था में माता के गर्भ में ही 10वें से 12वें सप्ताह में हो जाता है। शोध में यह भी पाया गया कि जिस तरह की आकृतियाँ व्यक्ति के मस्तिष्क के विभिन्न भागों पर है, ठीक उसी प्रकार की एक समान छाप व्यक्ति की उगँलियों पर फिगंर प्रिंट के रूप में उपलब्ध है, जिसे न्यूरो मैगनेटिक इफेक्ट कहा जाता है।

Related posts

चौथी एलएनसीटी स्टेट ड्रॉप रोबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ

Pradesh Samwad Team

वेस्टइंडीज के टीम के 9 लोग कोविड पॉजिटिव, पाकिस्तान के साथ वनडे सीरीज हुई स्थगित

Pradesh Samwad Team

इंदौर ने जीती दोस्ताना सीरिज़ ,भोपाल को दूसरे मैच मैं भी पराजित किया

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment