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मारियुपोल में ढह गया यूक्रेन का आखिरी किला, अब तक 1000 यूक्रेनी सैनिकों का रूस के सामने सरेंडर

मारियुपोल में ढह गया यूक्रेन का आखिरी किला, अब तक 1000 यूक्रेनी सैनिकों का रूस के सामने सरेंडर

रूस और यूक्रेन के बीच 84 दिन से जारी लड़ाई अब निर्णायक मोड़ लेती दिखाई दे रही है। यूक्रेनी सेना का आखिरी गढ़ बताया जा रहा मारियुपोल के स्टील प्लांट पर अब रूस का कब्जा हो चुका है। रूस ने दावा किया है कि मारियुपोल स्टील प्लांट में छिपे करीब 1,000 यूक्रेनी सैनिकों ने आत्मसमर्पण किया है। इसके साथ ही यूक्रेनी सैनिकों ने एक ऐसी जगह को छोड़ दिया है, जो देश के प्रतिरोध का प्रतीक बना हुआ था। इस घटनाक्रम के बाद अब मारियुपोल में जारी लड़ाई खत्म होने का अनुमान है। ऐसे में माना जा रहा है कि यूक्रेन के इस बड़े बंदरगाह शहर पर अब रूस का पूरा कब्जा हो चुका है।
यूक्रेनी लड़ाकों को जान बचाने के दिए गए आदेश : यूक्रेन ने अपने लड़ाकों को अपनी जान बचाने का आदेश दिया और कहा कि रूसी सैनिकों का मुकाबला करने का उनका मिशन अब पूरा हो गया है लेकिन संयंत्र से बाहर निकल रहे सैनिकों को आत्मसमर्पण करने के लिए नहीं कहा। इसके चलते, यूक्रेनी सैनिकों का भविष्य अनिश्चित नजर आ रहा है। यूक्रेन का कहना है कि वह युद्ध बंदियों की अदला-बदल की उम्मीद कर रहा है जबकि रूस उनमें से कुछ पर युद्ध अपराध की कार्रवाई करने की सोच रहा।
अभी भी कुछ सैनिकों के छिपे होने का अंदेशा : हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि संयंत्र के अंदर कितने लड़ाके शेष रह गये हैं। वहीं, यूक्रेन का यह शहर काफी हद तक मलबे के ढेर में तब्दील हो गया है। रूस के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि मारियुपोल शहर में यूक्रेन के कब्जे वाले आखिरी क्षेत्र में छुपे करीब एक हजार यूक्रेनी सैनिक वहां से चले गए हैं।
अभी तक 959 यूक्रेनी सैनिकों का सरेंडर : रूस के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इगोर कोनशेनकोव ने बुधवार को कहा कि सोमवार से 959 यूक्रेनी सैनिक अजोवस्तल इस्पात संयंत्र को छोड़ कर चले गये हैं। रूसी समाचार एजेंसियों की खबरों के मुताबिक, रूस की संसद की योजना अजोव लड़ाकों की अदला-बदली रोकने के लिए बुधवार को एक प्रस्ताव लाने की है।
यूक्रेन बोला- सैनिकों की रिहाई के लिए बातचीत जारी : वहीं, यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री हना मैलियर ने कहा कि लड़ाकों की रिहाई के लिए वार्ता जारी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि सर्वाधिक प्रभावशाली अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थ इस कार्य में लगे हुए हैं। उल्लेखनीय है कि रूस ने यूक्रेन पर अपने आक्रमण की शुरूआत से मारियुपोल को निशाना बनाया है।

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