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June 10, 2026
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महिलाएं ठान लें तो हर बड़ी से बड़ी चुनौती से निपटना आसान

नागपुर डिवीजन रेलवे की ट्रेन मैनेजर श्रुति ने जीता मिसेज़ इंडिया वर्ल्ड का खिताब

भोपाल। जीवन की आपाधापी और भाग-दौड़ से भरी जिंदगी में कुच रचनात्मक कार्य करने की ललक और जज्बा हो तो जीवन में खुशियों के और भी अधिक चटख रंग भरे जा सकते हैं। महिलाओं खासकर कामकाजी और नौकरीपेशा महिलाओं के लिए उस समय दुविधा की घडिय़ां मार्ग में अवरोध बन जाती हैं जब वे अपने कार्यक्षेत्र के साथ साथ कुछ अन्य गतिविधियों को करने में जुटतीं हैं। लेकिन कहते हैं कि जहां चाह तो वहां राह भी होती ही है। और फिर जब सफलता की सीढिय़ां दर सीढि़ेयां चढ़ते हुए कदम मजबूत होते जाते हैं तो एक नई ऊर्जा और हिम्मत मिलती है। ऐसा ही कुछ नागपुर डिवीजन रेलवे की ट्रेन मैनेजर श्रुति सक्सेना के साथ हुआ। उन्हें हाल ही में मिसेज इंडिया वर्ल्ड खिताब-2021 से नवाजा गया है। उनसे जब बातचीत की तो लगा कि जहां एक ओर महिला सशक्तीकरण के क्षेत्र में आज सकारात्मक नजरिया बनता जा रहा है वहीं महिलाओं के आत्समम्मान में बढ़ोतरी हुई है और एक नयापन उभरकर सामने आया है। मिसेज श्रुति सक्सेना हर उन कामकाजी महिलाओं के लिए वे प्रेरणास्रोत भी हैं जो आपाधापी और व्यस्ततम जिंदगी से कुछ पल अपने लिए तथा रचनात्मक कार्यों के लिए भी निकालती हैं।

देश-विदेश की 12 महिलाओं के बीच हुआ चुनाव
जहां महिलाएं अपने मन में कुछ करने की ठान लेती हैं तो बड़ी से बड़ी चुनौती से भी निपटना आसान होता है। यहां यह सिद्ध हो गया कि भारतीय महिलाओं की गौरव गाथा में एक और नया अध्याय जोड़ते हुए नागपुर डिवीजन रेलवे (आमला) में ट्रेन मैनेजर श्रुति सक्सेना ने समकित प्रोडक्शन मुम्बई द्वारा गोआ में आयोजित मिसेज इंडिया यूनिवर्स 2021 प्रतियोगिता में देश विदेश से आई 12 महिलाओं के बीच यह टाइटल जीता। इसी महीने 10 दिनों तक चली इस प्रतियोगिता में विभिन्न राउंड हुए। जिनके फाइनल में पहुंचने पर मिसेज इंडिया वर्ल्ड का टाइटल श्रुति को दिया गया। इसके अतिरिक्त भी प्रतियोगिता के अन्य अनेक प्रसंशनीय टाइटल भी श्रुति ने जीते, जिनमे बेस्ट स्माइल, बेस्ट वाक, बेस्ट मैनर्स आदि रहे।

भारतीय रेलवे की बड़ी उपलब्धि
श्रुति सक्सेना के उल्लेखनीय कार्य के लिए रेलवे भी गौरवांवित है। श्रुति ने बताया कि इसी प्रतियोगिता से आगे अंतरराष्ट्रीय टाइटल के लिए प्रतियोगियों के नाम भेजे जाते हैं। आगे भी वे अपना सफर जारी रखेंगी। उनकी इस उपलब्धि से न केवल भारतीय रेलवे बल्कि आमला शहर का भी गौरव बढ़ा है। इस खिताब को हासिल करने के लिए उन्होंने अनेक पारिवारिक, सामाजिक तथा सरकारी जिम्मेदारी निभाते हुए समय निकाला और दृढ निश्चयी होकर कर कड़ी मेहनत करते हुए यह कठिन प्रतियोगिता जीती।

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