38.4 C
Madhya Pradesh
June 15, 2026
Pradesh Samwad
प्रदेशमध्य प्रदेशराजनीति

मप्र के मंत्री ने चौहान को बताया टंट्या भील का अवतार, कांग्रेस ने कहा आदिवासियों का अपमान


मध्य प्रदेश की भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के एक मंत्री ने प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को आदिवासी क्रांतिकारी नायक टंट्या भील का अवतार बताकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है। विपक्षी कांग्रेस ने इसे आदिवासी समुदाय का अपमान करार देते हुए मंत्री से माफी की मांग की है।
मध्य प्रदेश सरकार चार दिसंबर को क्रांतिकारी नायक की पुण्यतिथि के पहले श्रद्धांजलि देने के लिए सप्ताह भर कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। टंट्या भील को टंट्या मामा के नाम से भी जाना जाता है।
मध्य प्रदेश के कृषि मंत्री ने सोमवार को खरगोन जिले के भीकनगांव में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि टंट्या मामा लड़कियों का विवाह करवाते थे, हमारे मामा (जैसा कि मुख्यमंत्री चौहान लोकप्रिय रुप से प्रदेश में जाने जाते हैं) भी ऐसा ही करते हैं। टंट्या मामा अमीरों को लूटते थे और दौलत को गरीबों में बांट देते थे। हमारे मुख्यमंत्री लूट नहीं करते हैं लेकिन वह अमीरों से कर लेते हैं और गरीबों के लिए खर्च करते हैं।’’
मंत्री ने कहा, ‘‘ इन दोनों में एक समानता है। एक तरह से हम कह सकते हैं कि टंट्या मामा ने हमारे मुख्यमंत्री शिवराज के रुप में पुनर्जन्म लिया है।’’ मंत्री ने चौहान और टंट्या भील की शारीरिक बनावट के बीच समानता भी चित्रित की।
पटेल क्रांतिसूर्य गौरव यात्रा के दौरान सभा को संबोधित कर रहे थे। इसके तहत टंट्या भील के जन्म स्थान बड़ौदा अहीर गांव से मिट्टी के कलश इंदौर जिले के पातालपानी लाया जा रहा है। यहां चार दिसंबर को एक आदिवासी क्रांतिकारी नायक के स्मृति में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया है।
इस बीच, प्रदेश कांग्रेस ने कहा कि आदिवासी नायक की तुलना करना उनका अपमान है।
प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा कि कृषि मंत्री कमल पटेल ने टंट्या भील को लुटेरा बताया और मुख्यमंत्री शिवराज अमीरों पर कर लगाने वाला बताया। क्या यह समानता है? यह गलत तुलना है। यह आदिवासी नायक और आदिवासी समुदाय का अपमान है। मंत्री और भाजपा को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।
मुख्यमंत्री चौहान ने 23 नवंबर को इंदौर के पातालपानी रेलवे स्टेशन का नाम टंट्या भील के नाम पर रखने की घोषणा की थी। उन्होंने यह भी घोषणा की थी कि 53 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे इंदौर के एमआर 10 मार्ग पर बस स्टैंड और भंवरकुआं चौराहे का नाम भी टंट्या भील के नाम पर रखा जाएगा।

Related posts

« Desktop vs Mobile sur les plateformes de jeux en ligne : qui offre la meilleure expérience utilisateur en pratique ?»

जातीय जनगणना पर बदलेगा केंद्र का रुख? नीतीश की अगुवाई में आज पीएम मोदी से मिलेंगी बिहार की 10 पार्टियां

Pradesh Samwad Team

Paris sportifs en ligne : les mythes de la saison estivale – ce que les bonus réels apportent aux fans de football, du Premier League à la Coupe du Monde

Leave a Comment