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द्वितीय विश्व युद्ध के टैंक के गोले पर गिरा शख्स, प्राइवेट पार्ट में घुसा नुकीला सिरा, बम देखकर डॉक्टर भी डरे


ब्रिटेन में एक शख्स द्वितीय विश्व युद्ध के जमाने के एक टैंक के गोले पर गिर गया। इस दुर्घटना में टैंक के गोले का नुकीला सिरा उसके प्राइवेट पार्ट में काफी अंदर तक घुस गया। घायल हालात में अस्पताल पहुंचे इस शख्स को देखने के बाद डॉक्टरों ने ब्रिटिश आर्मी के बम डिस्पोजल स्कॉड को बुला लिया। डॉक्टर लगभग 56 मिलीमीटर तक अंदर घुसे उस बम को छूने से डर रहे थे।
डॉक्टरों ने बम निरोधक दस्ते को बुलाया : यह घटना ग्लूसेस्टर में ग्लॉस्टरशायर रॉयल अस्पताल की बताई जा रही है। अस्पताल की दुर्घटना और आपातकालीन इकाई ने हालात का जायजा लेने के बाद सेना के बम डिस्पोजल स्कॉड को बुलाया। घायल शख्स ने बताया कि उसे पुराने जमाने के युद्ध के हथियारों को इकट्ठा करने का शौक है। यह बम भी उसके निजी शस्त्रागार का ही हिस्सा था।
पैर फिसलने से बम पर गिर गया शख्स : घायल शख्स ने बताया कि वह 80 साल पुराने इस बम को साफ करने के लिए बाहर निकाला था। अचानक उसका पैर फंस गया और वह उस गोले पर अजीब तरह से गिर गया। उसने बताया कि उसके निजी शस्त्रागार में यह बम पहले से मौजूद था। वह फर्श पर रखकर बाकी हथियारों को सही कर रहा था, अचानकर वह गिर पड़ा। घायल अवस्था में उसे अस्पताल लेकर जाया गया।
टैंकों के कवच को फाड़ने के लिए बनाया गया था गोला : द सन की रिपोर्ट के अनुसार, यह गोला टैंक के ऊपरी कवच को चीरने के लिए लिए डिजाइन किया गया था। इस गोले का सिरा काफी नुकीला और तेज था। सेना के एक्सपर्ट्स ने बताया कि ऊपरी सिरा धातु का एक टुकड़ा है, ऐसे में उस व्यक्ति के जीवन को इससे कोई खतरा नहीं है। अब डॉक्टर आपरेशन कर उस बम के सिरे को निकालने की कोशिश कर रहे हैं।
अस्पताल ने कहा- प्रोटोकॉल का पालन किया गया : अस्पताल के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा के सभी प्रोटोकॉल का पालन किया गया था। इस केस के कारण कर्मचारियों, रोगियों या उनके साथ आने वाले लोगों के लिए कोई जोखिम नहीं था। रक्षा मंत्रालय ने भी कहा कि उन्होंने स्थानीय पुलिस के अनुरोध के बाद बम निरोधक दस्ते को भेजा था।

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