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क्या है 600 करोड़ का वह घोटाला, जिसमें बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर पर FIR, कैमरा देख भाग रहे

एमपी में झाबुआ-रतलाम से बीजेपी सांसद गुमान सिंह डामोर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। 600 करोड़ रुपये के हैंडपंप घोटाले में फंसे सांसद अब भागे फिर रहे हैं। वहीं, आलाकमान भी पार्टी सांसद के नाम से असहज हो गई है। वहीं, गुमान सिंह डामोर को इस मामले में जवाब देते नहीं बन रहा है। वह कैमरा देख भागते फिर रहे हैं। पूरा मामला आदिवासी इलाकों में स्वच्छ पानी से जुड़ा हुआ है। आदिवासियों के इलाकों में शुद्ध पानी तो नहीं पहुंचा, मगर सरकारी खाते से पैसे निकल गए।
दरअसल, आदिवासी इलाकों में पीने के लिए आज भी साफ पानी नहीं है। ग्रामीणों इलाकों में पानी है भी तो वह फ्लोराइड युक्त है। इसकी वजह उन इलाकों में फ्लोरोसिस के मरीज ज्यादा हैं। फ्लोरोसिस के कारण वहां के लोग दिव्यांग हैं। उनकी पैर की हड्डियां टेढ़ी-मेढ़ी हो गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक ये पानी उनके लिए जहर से कम नहीं है। ये घोटाला भी इसी के नाम पर हुआ है। फ्लोराइड प्रभावित इलाकों में शुद्ध पेयजल के लिए हैंडपंप लगना था।
सरकारी खजाने से करीब 600 करोड़ रुपये निकल गए, मगर गांवों में शुद्ध पानी के लिए अलग से हैंडपंप नहीं लगे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अलीराजपुर जिले के करीब 500 से अधिक गांवों में आज भी एक हजार के पार प्लोरोसिस के मरीज हैं। वह पानी के लिए आज भी उतना ही जतन कर रहे हैं। फ्लोरोसिस पीड़ित गांवों में शुद्ध पानी पहुंचे, इसके लिए सरकार डेढ़ दशक पहले फ्लोरोसिस नियंत्रण परियोजना बनाई थी।
इस योजना के तहत गांवों में दूषित जल स्त्रोत चिह्नित करना और नए भूजल स्त्रोत तैयार करने थे। इसके नाम पर सरकारी खजानों रुपये निकल गए। मगर गांवों में काम नहीं हुआ। इसी गड़बड़ी को लेकर हाल ही में कोर्ट ने लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के तत्कालीन अभियंता और झाबुआ-रतलाम के मौजूदा सांसद गुमान सिंह डामोर पर केस दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसमें तत्कालीन कलेक्टर गणेशशंकर मिश्र, सहित पीएचई के तत्कालीन दो अफसरों के खिलाफ भी केस दर्ज हुआ है। इन सभी पर आरोप है कि फ्लोरोसिस नियंत्रण के कार्य को इन लोगों ने सिर्फ कागजों पर दिखआए और 600 करोड़ रुपये का भ्रष्टाचार किया है।
वहीं, सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव ने कहा है कि यह पूरा मामला न्यायालय में है। सांसद न्यायालय में अपना पक्ष रखेंगे। वहीं, कांग्रेस इस मामले सांसद की गिरफ्तारी की मांग कर रही है। कोर्ट में 17 जनवरी को इस मसले पर सुनवाई है। साथ ही सभी आरोपियों को कोर्ट में उस दिन उपस्थित होना है।

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