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October 14, 2026
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कुशीनगर में शादी की एक रस्म 11 बच्चों समेत 13 को लील गई, जानिए हुआ क्या

कुशीनगर: कुशीनगर का नौरंगिया गांव। पल भर पहले जहां खुशी का माहौल था, वहां अब मातम पसरा है। चीखें हैं। बदहवास महिलाएं हैं। गांव के कुएं पर शादी की एक रस्म मौत लेकर आ गई। हंसते-खेलते 30 लोग कुएं में समा गए। कैसे क्या हुआ किसी को समझ नहीं आया। डेढ़ घंटे बाद जब उन्हें निकाला गया, तब तक 11 बच्चों समेत 13 लोग दम तोड़ चुके थे। हादसा उस वक्त हुआ, जब हल्दी से जुड़ी एक एक रस्म मटकोड़वा के लिए औरतें व लड़कियां कुएं पर पहुंची थीं।
कुएं पर रस्म शुरू हुई और भीड़ बढ़ती चली गई : पुलिस के अनुसार नौरंगिया ग्राम सभा के स्कूल टोले पर बुधवार की रात करीब 9 बजे एक मांगलिक कार्यक्रम में कुआं पूजन की रस्म के लिए महिलाएं व बच्चियां इकठ्ठा थीं। कुआं पानी से भरा हुआ था। भीड़ अधिक थी। बच्चियां व महिलाएं कुएं की मुंडेर और कुएं पर बने चबूतरे पर पर बैठीं थीं। कहा जा रहा है कि कुएं का चबूतरा कमजोर होने की वजह टूट गया जिसकी वजह से यह हादसा हुआ। गांव के कुछ लोगों का कहना है कि कुएं के स्लैब पर चढ़ने के लिए मना भी किया जा रहा था, लेकिन कोई माना नहीं।
एक कर कर 30 महिलाएं और बच्चियां कुएं में समा गईं : अचानक स्लैब टूट गया। इससे करीब 30 बच्चियां व महिलाएं कुएं में गिर गईं। अधिकारियों के अनुसार ये महिलाएं शादी के एक दिन पहले कुएं के पास मिट्टी कोड़ने की रस्म अदा करने पहुंची थीं। हाहाकार मच गया। समय बीत रहा था। कुएं में गिरी महिलाओं और बच्चियों को कैसे निकाला जाए, किसी को समझ नहीं आ रही था। जब तक बचाव टीमें मौके पर पहुंचीं, काफी देर हो चुकी थी। दो घंटे की मशक्कत के बाद 11 बच्चियों व दो महिलाओं को कुएं से निकालकर अस्पताल भेजा गया मगर तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। जिलाधिकारी के साथ तमाम प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी देर रात तक कुएं से और लोगों को निकालने में जुटे रहे।
चीख पुकार और गांव के पुरुष भाग गए : घटना इतनी भयावह थी कि पूरे गांव में कोहराम मच गया। शादी वाले घर में तो चीख-पुकार ही मच गई। गांव से जिला अस्पताल तक हाहाकार मचा रहा। कमिश्नर, डीआईजी, डीएम, एसपी ने मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य की जानकारी ली। साथ ही पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिलाया है। हादसे के बाद परिवार के पुरुष सदस्य डर के मारे गांव छोड़कर फरार हो गए, वहीं महिलाएं सदमें में आ गईं। कई महिलाएं हादसे को सुन ही सदमे में आ गईं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस जब गांव पहुंची तो गांव के पुरुष फरार थे। उन्हें डर था कि कहीं गांव के लोग आक्रोश में आकर उनके साथ मारपीट न कर दें।
क्या कहना है परिवार की महिला सदस्यों का : परिवार की महिला सदस्यों का कहना है कि उन्हें इस बात का अंदाजा नहीं था कि स्लैब टूट जाएगा। हालांकि जब लोग उस पर चढ़ रहे थे तो मना भी किया जा रहा था कि स्लैब टूट जाएगा। लेकिन डांस देखने के आगे कोई कुछ भी सुनने को तैयार नहीं था।
अस्पताल में मौत के मंजर से दहल गया दिल : कुशीनगर में हुआ हादसा देखकर हर कोई सहम गया। गांव में तो कोहराम मचा ही लेकिन अस्पताल में जो मंजर था, वह धड़कनें रोक देने वाला था। एक साथ 13 लाशें देखकर ऐसी चीख पुकार मची हुई थी। हादसे में घायल लोगों को पहले नेबुआ नौरंगिया अस्पताल पहुंचाया गया, बाद में वहो से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में जब पहले 13 लोगों को लेकर एंबुलेंस पहुंची, तो पूरा गांव वहां जमा था। हर कोई डॉक्टरों को घेरे था। सब बदहवास से थे और मन ही मन प्रार्थना कर रहे थे कि अब कोई और बुरी खबर न मिले। आधे घंटे बाद ग्रामीणों को सूचित कर दिया गया कि अस्पताल में जो लो लाए गए, वह मृत अवस्था में ही जिला अस्पताल पहुंचे थे।

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