Pradesh Samwad
देश विदेश

अजरबैजान-इजरायल दोस्ती पर भड़का ईरान, बोला- यहूदियों की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं

ईरान ने अजरबैजान और इजरायल की दोस्ती को लेकर कड़ी आपत्ति जताई है। ईरानी विदेश मंत्रालय ने बुधवार को कहा कि उसे काकेशस में इजरायल की मौजूदगी को लेकर गंभीर चिंताएं है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में यहां तक दावा किया गया है कि ईरान ने अजरबैजानी सेना के विमानों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है। ईरान को बड़ी चिंता अपनी सीमा के नजदीक इजरायली हथियारों की मौजूदगी को लेकर है।
ईरान ने कहा- हमें जायोनीवादियों की मौजूदगी कबूल नहीं : ईरानी विदेश मंत्री हुसैन अमीर-अब्दुल्लाहियन ने मॉस्को में कहा कि हम निश्चित रूप से काकेशस में भू-राजनीतिक परिवर्तन और मानचित्र परिवर्तन को बर्दाश्त नहीं करेंगे। हमें इस क्षेत्र में आतंकवादियों और जायोनीवादियों (यहूदी देश के समर्थक) की उपस्थिति के बारे में गंभीर चिंता है। ईरान पहले भी इजरायल की मौजूदगी को लेकर चेतावनी दे चुका है।
ईरान और अजरबैजान में क्यों बढ़ा तनाव? : ईरान और अजरबैजान में तनाव बढ़ने के कई कारण है। पहला यह कि अजरबैजान ने हाल में ही ईरान सीमा के नजदीक पाकिस्तान और तुर्की के साथ मिलकर सैन्य अभ्यास किया था। दूसरा, अजरबैजान ने आर्मीनिया जाने वाले ईरानी ट्रकों के लिए रास्ते को बंद कर दिया था। इतना ही नहीं, अजरबैजान ने कुछ ईरानी ट्रक ड्राइवरों को हिरासत में भी लिया था। तीसरा, इजरायल और अजरबैजान में बढ़ती दोस्ती से भी ईरान चिढ़ा हुआ है।
ईरान बोला- इजरायल की मौजूदगी बर्दाश्त नहीं : इसके जवाब में ईरान ने भी अजरबैजान से लगती सीमा पर भारी हथियारों को तैनात कर दिया है। ईरानी सेना ने भी इस इलाके में सैन्य अभ्यास शुरू किया है। इसी सैन्य अभ्यास के शुरू होने के पहले ईरानी विदेश मंत्री अमीर-अब्दुल्लाहियन ने अपने अजरबैजानी समकक्ष से कहा था कि ईरान हमारी सीमाओं के बगल में इजरायल की उपस्थिति या गतिविधि को बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कोई भी आवश्यक कार्रवाई करने की कसम भी खाई।
शिया आबादी के बावजूद दोस्त नहीं है ईरान और अजरबैजान : ईरान और अजरबैजान की 700 किलोमीटर की सीमा है। अजरबैजान की बहुसंख्यक आबादी शिया है, इसके बावजूद उसके संबंध ईरान के साथ अच्छे नहीं है। वहीं, आर्मीनिया की बहुसंख्यक आबादी ईसाई है। फिर भी आर्मीनिया और ईरान के संबंध काफी अच्छे हैं। कोरोना महामारी के दौरान ईरान से बड़ी संख्या में लोग आर्मीनिया में वैक्सीन लगवाने पहुंचे थे।
क्या है काकेशस : काकेशस काला सागर और कैस्पियन सागर के बीच का क्षेत्र है। इसमें मुख्य रूप से आर्मीनिया, अजरबैजान, जॉर्जिया और दक्षिणी रूस का कुछ इलाका शामिल है। इसी इलाके में काकेशस पर्वतमाला भी स्थित है। इसे पूर्वी यूरोप और पश्चिम एशिया के बीच प्राकृतिक अवरोध माना जाता है। यूरोप का सबसे ऊंचा पर्वत माउंट एल्ब्रस 5642 मीटर (18,510 फीट) की ऊंचाई के साथ ग्रेटर काकेशस पर्वत श्रृंखला के पश्चिम भाग में स्थित है।

Related posts

PM जस्टिन ट्रूडो की ‘काले चेहरे, पगड़ी वाली’ तस्वीर फिर वायरल, चुनाव से पहले फंसे

Pradesh Samwad Team

कोरोना से पोलैंड में एक दिन में 775 मरीजों की मौत, भारत में भी पीएम मोदी ने बुलाई बड़ी बैठक

Pradesh Samwad Team

अमेरिका के पूर्व NSA ने पाकिस्तान को किया ‘बेइज्जत’, बोले- आतंकियों से इनके संबंध, 1 पैसा भी न भेजें

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment