Pradesh Samwad
देश विदेश

पुरातत्वविदों को नदी की गहराई में मिला ‘खजाना’, 1800 साल पहले दफनाए गए थे चांदी के 5,500 सिक्के

पुरातत्वविदों को नदी की गहराई में मिला ‘खजाना’, 1800 साल पहले दफनाए गए थे चांदी के 5,500 सिक्के
करीब 1800 साल से एक नदी में दबे 5,500 से अधिक चांदी के सिक्के अब वैज्ञानिकों के हाथ में हैं। पुरातत्वविदों ने सिक्कों की खोज जर्मनी के ऑग्सबर्ग में की है। सिक्कों के दफन के समय, रोमन साम्राज्य पूरे जोरों पर था। इसके सिक्के साम्राज्य के कोने-कोने तक और बाहरी इलाकों तक भी पहुंच रहे थे। जर्मनी में टुबिंगन विश्वविद्यालय में प्राचीन मुद्राशास्त्र के प्रोफेसर स्टीफेन क्रमनिसेक ने बताया कि ये सिक्के ‘डेनरी’ हैं जो पहली से तीसरी शताब्दी के दौरान मानक चांदी का मूल्यवर्ग था।
लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक पुरातत्वविदों को इस साल की शुरुआत में एक पुरानी नदी की गहराई में यह ढेर मिला था। खोदे गए गड्ढे में सिक्के बिखरे हुए थे इसलिए यह पता नहीं चल पाया कि उन्हें मूल रूप से कैसे रखा गया होगा। क्रमनिसेक ने कहा कि छिपाने की जगह शायद कई सदियों बाद वर्टच नदी की बाढ़ में बह गई होगी जिसकी वजह से सिक्के नदी में बिखर गए।
तीसरी शताब्दी में ढाले गए सिक्के : उन्होंने कहा कि हमने अभी सिक्कों की सफाई और रिसर्च शुरू की है। लेकिन अब तक ऐसा प्रतीत होता है कि इस ढेर का सबसे नया सिक्का तीसरी शताब्दी की शुरुआत में ढाला गया था। इसका मतलब है कि यह ढेर तीसरी शताब्दी के दौरान जमा किया गया होगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल हम अनुमान लगाते हैं कि इस ढेर को तीसरी शताब्दी की शुरुआत में रोमन शहर ऑगस्टा विन्डेलिकम के बाहर दफनाया गया था।
क्यों दफनाए गए थे सिक्के? : क्रमनिसेक ने बताया कि उस समय ऑगस्टा विन्डेलिकम रोमन प्रांत रतिया की राजधानी थी। इन सिक्कों को क्यों दफनाया गया? यह एक रहस्य है जिसे शोधकर्ता सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम अभी तक नहीं जानते कि इन्हें क्यों जमा किया गया। ऑग्सबर्ग शहर की पुरातत्व सेवा के निदेशक सेबस्टियन गैरहोस ने इस ढेर की खुदाई की थी। सिक्कों के ढेर के पास कोई अन्य कलाकृति नहीं मिली।

Related posts

जनरल रावत की टिप्पणी से बिदक गया चीन, ‘ड्रैगन’ को बताया था भारतीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा

Pradesh Samwad Team

10.35 करोड़ डॉलर में बिका : यूक्रेनी बच्चों की मदद के लिए रूसी पत्रकार ने नीलाम किया नोबेल पुरस्कार

Pradesh Samwad Team

राष्ट्रपति जेलेंस्की की ब्रिटेन से अपील, हम आखिरी सांस तक लड़ेंगे

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment