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UN में यूक्रेन के एंबेसडर की चेतावनी : रूस या तो सेना को पीछे हटा कूटनीतिक संवाद करे, या फिर गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे

रूस या तो सेना को पीछे हटा कूटनीतिक संवाद करे, या फिर गंभीर परिणाम भुगतने को तैयार रहे; UN में यूक्रेन के एंबेसडर की चेतावनी
यूक्रेन पर हमले की तैयारी कर रहे रूस (Russia) के पास दो विकल्प हैं। या तो वह यूक्रेन की सीमाओं (Ukraine Boarders) से अपने सैनिकों को पीछे हटाकर कूटनीतिक संवाद करे या फिर अंतरराष्ट्रीय समुदायों की ओर से निर्णायक समेकित प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहे। यह बात संयुक्त राष्ट्र में यूक्रेन के एंबेसडर Sergiy Kyslytsya ने कही है।
यूक्रेन पर UNSC की मीटिंग में Kyslytsya ने कहा कि यूक्रेन न केवल अपने लिए बल्कि पूरे यूरोप के लिए भी शांति, सुरक्षा और स्थिरता चाहता है। साथ ही, मैं दोहराता हूं कि रूस के आगे बढ़ने की स्थिति में यूक्रेन अपना बचाव करेगा।
रूस कर रहा खोखला दावा : रूस का कहना है कि वह यूक्रेन की सीमाओं से सैनिकों को पीछे हटा रहा है लेकिन जमीनी स्तर पर ऐसा होता नहीं दिख रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन का कहना है कि इस बात के कई संकेत हैं कि रूस अगले कुछ दिनों में यूक्रेन पर हमला कर सकता है। अमेरिका (America) ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को बताया कि ऐसी जानकारी है कि यूक्रेन (Ukraine) की सीमाओं के पास जमा 1,50,000 से अधिक रूसी सैनिक ‘आने वाले दिनों में’ यूक्रेन पर हमला (Russian Attack on Ukraine) करने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका ने साथ ही यह भी कहा कि रूस की योजना हमले के लिए ‘एक बहाना गढ़ने की’ है।
भारत का क्या रुख : भारत ने गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि इस समय ‘शांतिपूर्ण और रचनात्मक कूटनीति’ की जरूरत है और वह इस मामले में सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में है। साथ ही भारत ने रेखांकित किया कि यूक्रेन में 20,000 से अधिक भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। रूस की अध्यक्षता में यूक्रेन की स्थिति पर हुई संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की महत्वपूर्ण बैठक में संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने कहा कि नई दिल्ली की रुचि एक ऐसा समाधान खोजने में है, जिसके जरिए तनाव में तत्काल कमी लाई जा सके। तिरुमूर्ति ने कहा कि भारत ‘सभी संबंधित पक्षों के संपर्क में है। हमारा विचार है कि इस मुद्दे को केवल कूटनीतिक बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है।’
अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन III पोलैंड में : रूस-यूक्रेन संकट के बीच, अमेरिकी रक्षा सचिव लॉयड जे ऑस्टिन III पोलैंड पहुंचे। उन्होंने इस बारे में ट्वीट करके जानकारी दी।
अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने रूस को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि वह रूस के साथ टकराव नहीं चाहते हैं लेकिन अगर रूस के हमले से यूक्रेन में अमेरिकी निशाना बने तो इसका करारा जवाब मिलेगा। बाइडेन ने कहा था, “हम यूक्रेन पर रूसी हमले का निर्णायक जवाब देने के लिए तैयार हैं। रूसी हमला होने की अभी भी बहुत अधिक संभावना है। हम रूस के साथ सीधे टकराव नहीं चाहते हैं, हालांकि मैं स्पष्ट हूं कि अगर रूस, यूक्रेन में अमेरिकियों को निशाना बनाता है, तो हमें मजबूरन जवाब देना होगा।”

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