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April 21, 2026
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CAATSA: अमेरिका का वो कानून, जिससे रूस से S-400 खरीदने पर भारत पर प्रतिबंध का खतरा


रूस ने भारत को एस-400 मिसाइल सिस्टम की डिलीवरी शुरू कर दी है। जिसके बाद से भारत पर अमेरिका के प्रतिबंधों का खतरा भी बढ़ गया है। कई मौकों पर अमेरिकी प्रशासन ने भारत को रूस से एस-400 मिसाइल सिस्टम न खरीदने की अपील भी की थी। अमेरिका के इन धमकियों के जवाब में भारत ने हर बार कहा था कि वह रूस के साथ इस रक्षा सौदे को पूरा करने को लेकर प्रतिबद्ध है। दुबई एयर शो में रूस के फेडरल सर्विस फॉर मिलिट्री टेक्निकल कोऑपरेशन के डायरेक्‍टर दिमित्री शुगाएव ने कहा कि भारत को एस-400 सिस्‍टम की आपूर्ति शुरू हो गई है।
अमेरिकी रक्षा मंत्री ने प्रतिबंधों पर क्या कहा था? : इस साल भारत दौरे पर पहुंचे अमेरिका के रक्षा मंत्री जनरल लॉयड जे ऑस्टिन से जब एस-400 को लेकर प्रतिबंधों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा था कि जिस हथियार की अभी तक डिलीवरी नहीं हुई, उसपर कैसा प्रतिबंध। लेकिन, अब एस-400 की डिलीवरी शुरू हो गई है। ऐसे में अमेरिका CAATSA Act के जरिए भारत पर प्रतिबंध लगा सकता है। जानें इस एक्ट के बारे में सबकुछ…
क्या है CAATSA एक्ट? : CAATSA का पूरा नाम काउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सेंक्शन्स एक्ट है। अमेरिका ने इसे अपने प्रतिद्वंद्वियों के विरोध के लिए दंडात्मक अधिनियम के रूप में बनाया है। इस कानून को पहली बार 2 अगस्त 2017 को अधिनियमित किया गया था। जिसके बाद इसे जनवरी 2018 में लागू किया गया। इस कानून का उद्देश्य अमेरिका के दुश्मन देश ईरान, रूस और उत्तरी कोरिया की आक्रामकता का सामना करना है।
किन देशों पर प्रतिबंध लगा सकता है अमेरिका? : काट्सा एक्ट अमेरिका के राष्ट्रपति को इन देशों से सैन्य और खुफिया क्षेत्रों से जुड़े व्यक्तियों और देशों पर 12 में से कम से कम 5 को लागू करने की शक्ति देता है। अमेरिका के राष्टपति संबंधित देश पर निर्यात प्रतिबंध लगा सकते हैं। इससे उस देश को अमेरिकी रक्षा और व्यापार से जुड़े प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, अमेरिका ऐसे से देशों को परमाणु संबंधी वस्तुओं के निर्यात को रोक सकता है।
भारत को प्रतिबंधों से दे सकता है छूट : अमेरिकी संसद में कई बार भारत को काट्सा कानूनों से छूट देने की मांग उठ चुकी है। ओबामा प्रशासन, ट्रंप प्रशासन और बाइडन प्रशासन ने भी इन प्रतिबंधों को लेकर भारत के प्रति नरम रूख ही दिखाया है। 2018 में अमेरिकी सीनेट और हाउस आर्म्ड सर्विस कमिटी के संयुक्त सम्मलेन के दौरान भारत को काट्सा कानूनों से छूट देने पर बात की गई थी। इस दौरान कहा गया था कि अमेरिका राष्ट्रीय रक्षा प्राधिकरण अधिनियम (NDAA)- 2019 के CAATSA की धारा 231 में संशोधन करेगा।
भारत पर प्रतिबंध से अमेरिका को क्या नुकसान? : दरअसल, ओबामा प्रशासन ने भारत को स्ट्रैटजिक पार्टनर का दर्जा दिया था। जिसके बाद भारत और अमेरिका के बीच रक्षा समझौतों में काफी तेजी देखने को मिली। भारत ने इसके बाद ही अमेरिका से अपाचे अटैक हेलिकॉप्टर, चिनूक हैवी लिफ्ट हेलिकॉप्टर, एमएच-60आर रोमियो हेलिकॉप्टर, पी-8आई विमानों की नई खेप समेत कई समझौतों को अंतिम रूप दिया है। अगर अमेरिका भारत पर प्रतिबंध लगाता है तो स्ट्रैटजिक पार्टनर का दर्जा अपनेआप खत्म हो जाएगा। इससे अमेरिका की रक्षा बिक्री को तगड़ा झटका लग सकता है।
अमेरिका ने भारत को छूट दिया तो क्या होगा इसका मतलब : अमेरिका ने अगर भारत पर प्रतिबंध नहीं लगाया तो इसे भारतीय कूटनीति की जीत मानी जाएगी। भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की साख बढ़ाने और कूटनीतिक स्तर पर कई बड़े काम किए हैं। भारत दुनिया का सबसे बड़ा हथियार खरीदार देश है, ऐसे में अमेरिका ऐसे मार्केट से हाथ धोना नहीं चाहेगा। इतना ही नहीं, दक्षिण चीन सागर में चीन की बढ़ती आक्रामकता को काबू करने के लिए अमेरिका को भारत की बहुत जरूरत है।

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