Pradesh Samwad
प्रदेशमध्य प्रदेश

हाल के वर्षो में 30 से अधिक बाघ मप्र के पीटीआर से बाहर नए इलाके की तलाश में निकले : वन अधिकारी


मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) से हाल के वर्षो में 30 से अधिक बाघ नए क्षेत्रों की तलाश में निकल गए हैं। एक वरिष्ठ वन अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि यह एक नियमित और प्राकृतिक प्रक्रिया है।
साल 2018 में किये गये बाघ जनगणना के अनुसार मध्यप्रदेश में सबसे अधिक बाघ रहते हैं और प्रदेश में कान्हा, बांधवगढ़, पेंच, सतपुड़ा और पन्ना सहित कई बाघ अभयारण्य हैं।
आधी रात को सीएम की शपथ, पटवारी बने डेप्युटी कलेक्टर, साल भर तक स्टेशन पर फाइलें… एमपी के स्थापना दिवस पर अनसुने किस्से
एक अधिकारी ने बताया कि पीटीआर से बाहर चले गए एक बाघ का सड़ा हुआ शव रविवार को सतना जिले के जंगल में मिला था और प्रारंभिक जांच के पता चला कि कथित तौर पर शिकारियों ने बाघ को मार डाला।
पीटीआर के क्षेत्रीय निदेशक उत्तर कुमार ने पीटीआई भाषा को बताया, ‘‘ हाल के सालों में लगभग 30 से 35 बाघ पीटीआर से बाहर चले गए। वर्तमान में पीटीआर में 45 से 50 वयस्क बाघ और 20 से 25 शावक (एक वर्ष के कम उम्र के) है। इस प्रकार पीटीआर में कुल 70 बाघ हैं।’’
उन्होंने कहा कि क्षेत्र का विस्तार करना बाघों का एक स्वाभाविक व्यवहार है।
अधिकारी ने कहा , ‘‘ जैसे जैसे बाघें की संख्या बढ़ती है वे एक नया इलाका तलाश करने के लिए बाहर जाते हैं। पीटीआर से बाघ चित्रकूट और बांधवगढ़ भी गए हैं। सतना के जंगल और नौरादेही अभ्यारण के सभी बाघ पीटीआर से गए हैं। इन क्षेत्रों के साथ गलियारों के माध्यम से पीटीआर के जंगल जुड़े हुए हैं। यह एक नियमित और प्राकृतिक प्रक्रिया है।’’
शर्मा ने रविवार को पड़ोसी जिले में मृत पाए गए रेडियो कॉलर से बाघ की पहचान पी-234-31 के तौर पर की गयी, इसे हीरा भी कहा जाता है। बाघ का जन्म दो साल पहले हुआ था।’’
उन्होंने कहा कि हीरा इस साल जुलाई में पीटीआर से बाहर चला गया था, चूंकि बाघ रेडियो कॉलर वाला था, इसलिए हमें पता चल गया था कि यह जुलाई में पीटीआर से बाहर चला गया और सतना जिले में घूम रहा है।
इस बीच, वन विभाग ने एक बयान में कहा कि सतना में बाघ हीरा के शिकार के सिलसिले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। रामप्रकाश बागरी, कृष्णा कोल और मुन्ना नाम के तीन शिकारियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
अखिल भारतीय बाघ अनुमान की 2018 की रिपोर्ट के अनुसार मध्य प्रदेश में देश में सबसे ज्यादा 526 बाघ रहते हैं।

Related posts

Pradesh Samwad Team

Roulette en ligne : stratégies testées, tours gratuits et comment choisir la meilleure plateforme

Strategie di Black Friday per i casinò online con licenza Malta Gaming Authority: bonus, sicurezza dei pagamenti e confronto tra offerte

Leave a Comment