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September 20, 2026
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भारत ने वोटिंग में नहीं लिया हिस्सा, UNHRC में इमरजेंसी डिबेट के पक्ष में 29 देश


रूस और यूक्रेन के बीच जंग अब अपने छठे दिन में प्रवेश कर चुकी है। रूस की सेना यूक्रेन की राजधानी कीव पर बमबारी कर रही है तो वहीं खारकीव में भी संघर्ष जारी है। इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मसले पर फिर से बैठक बुलाई।इसके साथ ही खारकीव में भी संघर्ष जारी है। इस बीच एक तरफ युद्ध जारी है तो दूसरी तरफ दोनों देशों के बीच बातचीत भी शुरू हो गई है।
इन सबके बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने इस मसले पर फिर से बैठक बुलाई। UNHRC काउंसिल ने यूक्रेन मसले पर तत्काल मीटिंग बुलाने का प्रस्ताव दिया था। इस मीटिंग के पक्ष में 29 ने वोट किया। वहीं 5 खिलाफ और 13 देश सदस्य तटस्थ रहे। इसमें भारत ने भी तटस्थ रहने का फैसला किया और वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।
वहीं UNGA के 11वें आपातकालीन सत्र में यूक्रेन पर UN में भारत के स्थायी प्रतिनिधि टी. एस. तिरुमूर्ति ने कहा कि विवादों का शांतिपूर्ण समाधान भारत की सतत स्थिति रही है। भारत सरकार का मानना है कि कूटनीति के रास्ते पर लौटने के अलावा और कोई विकल्प नहीं है।उन्होंने कहा भारत यूक्रेन में फंसे भारतीय नागरिकों की तत्काल निकासी के प्रयास करने के लिए जो कुछ भी कर सकता है वह कर रहा है। इस महत्वपूर्ण मानवीय आवश्यकता को तुरंत संबोधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा मैं यूक्रेन के सभी पड़ोसी देशों को धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमारे नागरिकों के लिए अपनी सीमाएं खोली और कर्मियों को सुविधाएं दी। हम अपने पड़ोसी और विकासशील देशों के फंसे लोगों की मदद के लिए तैयार हैं।
संयुक्त राष्ट्र महासभा के एक आपात और विशेष सत्र में यूक्रेन के दूत ने कहा है कि रूसी हमले में अबतक 16 बच्चों समेत 352 नागरिकों की मौत हुई है और यह संख्या लगातार बढ़ रही है। रूस का हमला लगतार जारी है। उन्होंने कहा कि रूसी सैनिक भी हताहत हुए हैं, पहले ही हजारों जवान खो चुके हैं। यूक्रेन के खिलाफ इस हमले को रोकें। हम रूस से बिना शर्त अपनी सेना वापस लेने और अंतरराष्ट्रीय कानून के पूर्ण अनुपालन की मांग करते हैं। यूक्रेन का कहना है कि रूसी सेना रिहायशी इलाकों को निशाना बना रही है।
इससे पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की हुई आपात बैठक में यूएन महासचिव एंटोनियो गुटारेस ने कहा कि यूक्रेन में युद्ध हर हाल में बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि मानवीय सहायता महत्वपूर्ण है, लेकिन यह कोई समाधान नहीं है. एकमात्र समाधान शांति के माध्यम से है। उन्होंने कहा कि मैंने यूक्रेन के राष्ट्रपति को आश्वासन दिया है कि संयुक्त राष्ट्र सहायता करना जारी रखेगा, उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगा। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि हम एक ऐसे गंभीर क्षेत्रीय संकट का सामना कर रहे हैं, जिसके हम सभी पर संभावित विनाशकारी प्रभाव होंगे।

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