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क्या आप दूसरे बच्चे की योजना बना रहे हैं? यह कुछ लोगों के लिए आसान हो सकता है लेकिन इस बार कुछ और नई जिम्मेदारियां होंगी।

दूसरे बच्चे की कर रहे हैं प्लानिंग तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

जिनके लिए पेरेंट्स को तैयार रहने की जरूरत है। एक तरफ आप पर अपने पहले बच्चे की, घर की और काम की जिम्मेदारियां होगी वहीं अब दूसरे बच्चे की देखभाल के लिए भी आपको तैयार रहना होगा। इस फैसले से कई चीजें जुड़ी हुई हैं जैसे माता-पिता की उम्र, मां का स्वास्थ्य, वित्तीय स्थिति, करियर और अन्य।
ऐसे में अगर आप दूसरे बच्चे की प्लानिंग कर रहे हैं तो आपको उनके बारे में जरूर सोचना चाहिए। चलिए आज आपको कुछ टिप्स बताते हैं जिन्हें दूसरे बच्चे की योजना बनाते समय ध्यान में रखना चाहिए।
दूसरी बार गर्भवती होने का सही समय : जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती जाती हैं, उनका मासिक धर्म चक्र भी कई बदलावों से गुजरता है। जिस वजह से उनकी फर्टिलिटी को लेकर चिंता बढ़ जाती है। इससे दूसरे बच्चे में गर्भपात या आनुवंशिक दोष होने की संभावना बढ़ सकती है।
मां की सेहत : गर्भवती होने का मतलब है कि आपके शरीर में बड़े बदलाव हो रहे हैं। दूसरे बच्चे की योजना बनाने से पहले महिला अपने शरीर की तरफ जरूर ध्यान दें। दूसरी बार मां बनने से पहले अपनी सेहत को लेकर डॉक्टर की सलाह जरूर लें। सेहत को नजरअंदाज़ करना आपकी प्रेगनेंसी के लिए खतरनाक साबित हो सकता है इसलिए ऐसा करने से बचें।
दूसरे बच्चे में हो कितना गैप? : शोध के मुताबिक बच्चे को जन्म देने के बाद महिला के शरीर को स्वस्थ होने में 18 महीने का समय लगता है। एक अध्ययन के अनुसार, जो महिलाएं पहले बच्चे के जन्म के 6 माह बाद ही प्रेग्नेंसी कंसीव कर लेती हैं उनका दूसरा बच्चा कमजोर होता है। अगर महिलाएं पहली प्रेगनेंसी के 18 से 23 महीने बाद दूसरे बच्चे के बारे में सोचती हैं तो वो बिल्कुल स्वस्थ होता है।
पुरूषों की उम्र : दूसरा बच्चा प्लान करने से पहले पिता की उम्र का भी ध्यान रखना चाहिए। एक शोध के मुताबिक 35 साल की उम्र के बाद पुरुषों के शुक्राणुओं की गुणवत्ता में कमी आती है।
दूसरे बच्चे की डिलीवरी : अगर आपकी पहली डिलीवरी सी-सेक्शन यानी सिजेरियन हुई है तो दूसरे बच्चे के समय नॉर्मल डिलीवरी की संभावना बेहद कम होती है। इसके अलावा पहले बच्चे के साथ-साथ आपको दूसरे बच्चे को भी स्तनपान करवाना पड़ेगा। जिसके चलते महिलाओं को अपने शरीर में दो बच्चों के पोषण का ध्यान रखना पड़ेगा।

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