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कुछ ही देर में अविश्वास प्रस्ताव पर पाकिस्तानी संसद में होगी वोटिंग, इमरान सरकार की विदाई तय?

प्रधानमंत्री इमरान खान के खिलाफ आज पाकिस्तानी संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान होना है। पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, अविश्वास प्रस्ताव पर मतदान हर हाल में शनिवार सुबह 10.30 बजे से पहले हो जाना चाहिए। जिसके बाद पाकिस्तान में राजनीतिक सरगर्मी काफी तेज हो गई है। एक दिन पहले ही इमरान खान ने अवाम को संबोधित करने के दौरान विपक्षी पार्टियों पर जमकर निशाना साधा था। इमरान ने कहा था कि विदेशी ताकतें विपक्ष के साथ मिलकर उन्हें कुर्सी से हटाने की साजिश रच रही हैं। उन्होंने अवाम से रविवार सुबह सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करने की अपील भी की थी।
पाकिस्तानी डिप्टी स्पीकर ने रद्द कर दिया था अविश्वास प्रस्ताव : इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी से जुड़े डिप्टी स्पीकर सूरी ने तीन अप्रैल को खान के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव को खारिज कर दिया था। सूरी ने दावा किया था कि यह सरकार को गिराने के लिए विदेशी साजिश से जुड़ा है और इसलिए यह विचार योग्य नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव खारिज किये जाने के कुछ देर बाद, राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री खान की सलाह पर नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने डिप्टी स्पीकर के फैसले को अवैध घोषित करते हुए खारिज कर दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में क्या लिखा? : गुरुवार को जारी पाकिस्तानी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के नौवें पैरा में लिखा है कि स्पीकर का कर्तव्य है कि वे वर्तमान सत्र में नेशनल असेंबली की बैठक बुलाएं। ऐसा उन्हें तत्काल करना होगा और और किसी भी मामले में शनिवार को सुबह 10:30 बजे के बाद नहीं होगा। सदन का संचालन और कामकाज 3 अप्रैल 2022 को जारी आदेश के अनुसार किया जाएगा जैसा कि संविधान के अनुच्छेद 95 में कहा गया है। इसके अलावा नेशनल असेंबली नियम-2007 में प्रक्रिया और कार्य संचालन के नियमों का पालन भी किया जाए।
इमरान खान के पास क्या हैं विकल्प : इमरान खान के पास अब सीमित विकल्प ही बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, शनिवार को सुबह 10 बजे पाकिस्तानी संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। ऐसे में अगर इमरान खान बेइज्जती से बचना चाहते हैं तो उन्हें पद से इस्तीफा देना होगा। लेकिन, तब भी विपक्षी पार्टियों के पास नेशनल असेंबली के बचे हुए कार्यकाल के लिए सरकार गठन करने का मौका होगा। उनके पास दूसरा विकल्प अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना है। ऐसे में उन्हें जीत के लिए विपक्षी एकता को तोड़ने की जरूरत होगी, जो काफी मुश्किल है।
स्पीकर और डिप्टी स्पीकर के खिलाफ भी अविश्वास प्रस्ताव : विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि स्पीकर असद कैसर और डिप्टी स्पीकर कासिम सूरी के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाया गया है, लेकिन इन दोनों में से कोई एक शनिवार को सदन की अध्यक्षता कर सकता है। पाकिस्तानी संविधान के अनुच्छेद 53 (4) के अनुसार, अध्यक्ष या उपाध्यक्ष असेंबली की बैठक की अध्यक्षता तब नहीं करेंगे, जब उनके पद से हटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जा रहा हो। ऐसे में ये नियम असद कैसरऔर कासिम सूरी को उस सत्र की अध्यक्षता करने से रोकते हैं जहां उनके खिलाफ अविश्वास पर विचार किया जा रहा हो। ऐसे में ये दोनों शनिवार की कार्यवाही की अध्यक्षता करने में सक्षम होंगे।

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