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इब्सा जूडो ग्रैंड प्रिक्स कजाकिस्तान 2022 : चक्षुबाधित दिव्यांग जुडो खिलाड़ी कपिल परमार ने कांस्यपदक जीता

भोपाल की खेल संस्था श्री ब्लिस मिशन फॉर पैरा एंड ब्राइट के चक्षु दिव्यांग जूडो ख़िलाड़ी कपिल परमार ने विश्व स्तरीय प्रतियोगिता में भारत के लिये पहला ऐतिहासिक पदक इब्सा जूडो ग्रैंड प्रिक्स कजाकिस्तान 2022 में कांस्य प्राप्त किया है|
अंतर्राष्ट्रीय ब्लाइंड स्पोर्ट्स एसोसिएशन द्वारा 25 से 31 मई 2022 तक आयोजित इब्सा जूडो ग्रैंड प्रिक्स में पैरालंपिक 2024 के लिए अंक बटोरने के लिए विश्व के 21 देशों ने प्रतिभागिता की जिसमे पहली बार मेडल लाने वाले देशों में भारत समेत इराक़ और स्विज़ेर्लैंड रहे जबकी पूरी प्रतियोगिता में ब्राजील का दबदबा रहा| सत्र 2017 से श्री ब्लिस संस्था भोपाल में अभ्यास कर रहे कपिल नें यह विश्व जूडो चमत्कार 60 किलो पुरुष वजन वर्ग में कर दिखाया है| उनके कोच प्रवीण भटेले ने बताया कि कपिल ने अपना पहला मैच तुर्की के अब्दुर्रहीम ओज़ल्प के विरुद्ध अच्छा खेला परन्तु तकनीकी कारणों की वजह से वह हार गए थे और कांस्य पदक के लिए कपिल को भारत में ब्लाइंड जूडो के जनक श्री मुनावर अंजार नें जबरदस्त उत्साहित किया| फिर उन्होंने आगे के दोनों पहलवान कज़ाकिस्तान के मुरत मदिनोव और इंडोनेशिया के सुजिथ ठोताकुरी को बाईपछाड़ (इप्पोन अंक) से कम समय में ही जीत लिए| नेत्रहीन जूडो के मुख्य प्रशिक्षक प्रवीण ने बताया कि हमारे ख़िलाड़ी अब विश्व स्तर पर पदक लाने शुरू हो गए हैं जिससे भारत के लिए नयी उम्मीद जागी है| भारतीय ब्लाइंड एंड पैरा जूडो एसोसीएशन के महासचिव श्री मुनावर अंजार जी के अंतर्राष्ट्रीय अनुभव और मार्गदर्शन का हमें भरपूर फ़ायदा मिल रहा है| कोच प्रवीण ने बताया कि हमारी सभी खिलाड़ियों की फिटनेस और तैयारी अंतरराष्ट्रीय पदको की ओर इशारा कर रही है जिसमें हमारे मुख्य प्रतिद्वंदी उज़्बेकिस्तान, चाइना, जर्मनी, अज़रबैजान, तुर्की , ब्राजील, रशिया, अर्जेंटीना, जापान, कोरिया, इंडोनेशिया और कजाकिस्तान के चक्षु दिव्यांग ख़िलाड़ी रहेंगे | ऑनलाइन माध्यम से इन देशों के खिलाड़ियों के वीडियो देखकर हमने अपने नेत्र हीन जूडो खिलाड़ियों के खेलने के तरीके में आवश्यक परिवर्तन किए हैं जिससे हमारे खिलाड़ी भारत को गौरवान्वित कर रहे हैं| हाल ही में हमारे पाँचों अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों को माननीय संचालक महोदय खेल और युवा कल्याण मध्यप्रदेश शासन से एक – एक लाख रुपए नकद पुरस्कार मिले हैं जिससे सभी दिव्यांग जूडो खिलाड़ियों में उत्साह है एवं वे भारत एवं मध्य प्रदेश शासन के लिए प्रतिबद्ध हैं| इस अवसर पर हाल ही में कलेक्टर बनीं इनकी बहन (यूपीएससी सिविल सर्विस परीक्षा की 187वां रैंक) सीहोर की सुश्री सोनाली सिंह परमार और भोपाल शहर की ए.सी.पी. श्रीमती बिट्टू शर्मा नें बधाई दीं|

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