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सीएम के आदेश से अलग स्कूल शिक्षा विभाग का फरमान, छात्रों के लिए तीन दिन स्कूल आना किया अनिवार्य

कोरोना वायरस के नए वैरिएंट ओमीक्रॉन की आहट और तीसरी लहर से लहर से बचने के लिए मध्य प्रदेश में नए निर्देश जारी किए गए हैं। सीएम शिवराज सिंह चौहान (cm Shivraj Singh Chouhan) ने रविवार दोपहर को खुद इसके बारे में जानकारी दी। इसके कुछ घंटे बाद ही प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग (mp school education department) ने भी इस बारे में आदेश जारी किया। ताज्जुब यह कि विभाग ने जो आदेश जारी किया, वह सीएम के फरमान से अलग (school education deptt disobey cm) है।
सीएम शिवराज ने स्पष्ट बताया कि स्कूल 50 प्रतिशत क्षमता के साथ चलेंगे। हर दिन 50 फीसदी छात्र ही स्कूल आएंगे और इसके लिए पैरेंट्स की अनुमति जरूरी होगी। यदि पैरेंट्स तैयार नहीं होंगे तो बच्चों के लिए स्कूल आना अनिवार्य नहीं होगा। ऐसे छात्र घर से ही ऑनलाइन क्लास कर सकेंगे।
थोड़ी देर बाद ही स्कूल शिक्षा विभाग ने जो आदेश जारी किया, उसके मुताबिक सप्ताह में तीन दिन ही ऑनलाइन क्लाास चलेगी। यानी बाकी तीन दिन छात्रों को स्कूल आना ही पड़ेगा। यह सीएम की घोषणा के विपरीत है।
नए निर्देशों के बाद स्कूलों की फीस को लेकर भी संदेह का माहौल है। सरकार ने पिछले सप्ताह ही कोविड प्रतिबंधों को हटाने के बाद स्कूलों को 100 प्रतिशत फीस वसूलने का अधिकार दे दिया था। आधा सत्र बीतने के बाद पूरे सत्र की फीस वसूलने की अनुमति देने से अभिभावक खुश नहीं थे। रविवार को न तो सीएम ने इस बारे में कुछ कहा, न ही स्कूल शिक्षाा विभाग के आदेश में इसकी कोई चर्चा है।
पैरेंट्स यह सोचकर परेशान हैं कि उनके बच्चे ऑनलाइन क्लास करें या ऑफलाइन, उन्हें पूरी फीस देनी ही होगी। वे यह भी नहीं समझ पा रहे कि बच्चों को तीन दिन स्कूल भेजना अनिवार्य होगा या वैकल्पिक। अब देखना यह है कि सरकार की ओर से इन मुद्दों पर क्या स्पष्टीकरण आता है।

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