23.4 C
Madhya Pradesh
September 21, 2026
Pradesh Samwad
देश विदेशराजनीति

वो चार बातें जो नवजोत सिंह सिद्धू को चुभ गईं, समझिए इस्तीफे के पीछे की कहानी

एक समय क्रिकेट के मैदान पर सिद्धू आगे बढ़कर चौके-छक्के लगाया करते थे, भले ही ग्राउंड सियासत का हो गया हो पर उनका वो अंदाज नहीं बदला। आज सियासत के खिलाड़ी के तौर पर वह अचानक आगे निकलते हैं और देखने वालों को चौंका देते हैं। तारीख थी 28 सितंबर 2021, वक्त दोपहर के 3 बजने वाले थे और सिद्धू का एक लेटर अचानक सुर्खियां बन गया। पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष बने दो महीने बीते थे और सिद्धू ने अचानक इस्तीफा दे दिया। यह सब ऐसे वक्त में हुआ जब पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह की नाराजगी की चर्चा चल रही थी और अटकलें लगाई जा रही थीं कि वह दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से मिलने वाले हैं।
आज जब मैं देखता हूं कि जिन्होंने छह-छह साल पहले बादल परिवार को क्लीन चिटें दी हैं। छोटे-छोटे लड़कों पर ज्यादती की। उन्हें इंसाफ की जिम्मेदारी दी गई है! जब मैं देखता हूं तो मेरी रूह घबराती है कि जिन लोगों ने ब्लैंकेट जमानत दीं वे एडवोकेट जनरल हैं। तो एजेंडा क्या है? पंजाब के हर मसले का हल भाइयों, इनकम है। जो लोग मसले की बात करते थे, वे मसले कहां हैं? वे साधन कहां हैं कि इन साधनों के साथ हम अपने मुकाम तक पहुंचेंगे। मैं न तो हाईकमान को गुमराह कर सकता हूं और न गुमराह होने दे सकता हूं।
नवजोत सिंह सिद्धू (वीडियो संदेश में कहा : पंजाब के पिछले चुनाव के बाद से अब तक के घटनाक्रमों को देखें तो तत्कालीन सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और सिद्धू के बीच टकराव बना रहा। सिद्धू के कारण कैप्टन को चुनाव से पहले कुर्सी भी छोड़नी पड़ी। नए सीएम चरणजीत सिंह चन्नी के सीएम बनने के बाद ऐसा लगा कि पंजाब में सिद्धू की चली है और सब कुछ ठीक हो गया। अब सिद्धू के इस्तीफे के बाद सवाल उठ रहे हैं कि ऐसा क्या हो गया कि उन्होंने अचानक प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की कुर्सी ही छोड़ दी। आइए समझते हैं इस्तीफे के चार कारण, जो सिद्धू को चुभ गए।

  1. उपमुख्यमंत्री रंधावा को लेकर टीस : सीएम चन्नी के साथ मुस्कुराते हुए तस्वीरें भले आई हों पर सिद्धू की भी सियासी महत्वाकांक्षाएं जरूर रही होंगी। कैप्टन की जगह वह खुद सीएम बनना चाह रहे होंगे लेकिन पहले से ही गुटबाजी से जूझ रही पंजाब कांग्रेस को देख हाईकमान ने बिल्कुल नया चेहरा आगे कर दिया। दलित सीएम का दांव चल कांग्रेस ने अगले चुनाव पर फोकस किया। ऐसे में सिद्धू ने सोचा होगा कि अब चुनाव नतीजों का इंतजार करना चाहिए। नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाती है और फिर बारी आती है विभागों के बंटवारे की। सिद्धू के इस्तीफे से कुछ घंटे पहले सीएम चन्नी ने मंत्रियों को विभाग बांटे थे। समझा जा रहा है कि सिद्धू उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा को गृह विभाग आवंटित किए जाने से नाराज थे। वजह समझने के लिए जरा कुछ दिन पीछे लौटिए, जब पंजाब के नए सीएम की तलाश हो रही थी। जट सिख नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा के भी सीएम बनने की चर्चा थी। चन्नी के सीएम बनने के बाद यह कहा गया कि अगला चुनाव सिद्धू के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। विवाद बढ़ा तो पार्टी ने सीएम चन्नी और सिद्धू दोनों के नाम आगे कर दिए। ऐसे में सिद्धू की कोशिश थी कि चुनाव बाद सीएम पद के लिए कोई नया दावेदार न तैयार हो। मुख्यमंत्री के बाद गृह विभाग सबसे महत्वपूर्ण पद होता है। रंधावा को यह मंत्रालय मिलने पर सिद्धू को लगा कि वह कहीं पीछे न रह जाएं।
    गुरु के इंसाफ के लिए लड़ने के लिए, पंजाब के लोगों की जिंदगी को बेहतर बनाने की लड़ाई लड़ने के लिए और साधन की लड़ाई लड़ने के लिए यह सब सिर-माथे पर। मैं इन सब चीजों के लिए किसी भी चीज की कुर्बानी दूंगा। लेकिन, सिद्धांतों पर खड़ा रहूंगा। इसके लिए मुझे कुछ सोचने की जरूरत नहीं है।
  2. देओल को एडवोकेट जनरल बनाया : सिद्धू भले ही सीएम नहीं बन पाए, पर उन्हें उम्मीद थी कि सरकार के फैसले में उनका बड़ा रोल होगा। लेकिन नए कार्यवाहक पुलिस प्रमुख और महाधिवक्ता की नियुक्ति जैसे फैसलों पर उनकी एक न चली। पिछले दिनों APS देओल को नया एडवोकेट जनरल बनाया गया, सिद्धू इस फैसले के विरोध में थे। इस नियुक्ति को पूर्व क्रिकेटर अपने लिए झटका मान रहे थे। इधर, कांग्रेस का केंद्रीय नेतृत्व यह सुनिश्चित कर रहा था कि सिद्धू सीएम चन्नी को स्वतंत्र रूप से काम करने दें। यही वजह है कि चन्नी के मनमाफिक फैसले लिए गए, जिससे सिद्धू भड़क गए। फिलहाल सिद्धू कांग्रेस में ही हैं, लेकिन उनको लेकर अनिश्चितता की स्थिति एक बार फिर बन गई है।
    आज जब सिद्धू ने वीडियो संदेश जारी कर अपनी बात रखी तो उन्होंने एडवोकेट जनरल का साफ जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जब मैं देखता हूं तो मेरी रूह घबराती है कि जिन लोगों ने ब्लैंकेट जमानत दीं वह एडवोकेट जनरल हैं तो एजेंडा क्या है? सिद्धू ने कहा कि दागी लीडर और दागी अफसरों का सिस्टम तो तोड़ा था, दोबारा उन्हीं लोगों को लाकर खड़ा नहीं किया जा सकता। मैं इसका विरोध करता हूं।
  3. राणा गुरजीत सिंह को कैबिनेट में लेने पर नराजगी : चन्नी के मंत्रिमंडल में कुछ नामों पर शुरू से आपत्ति थी। शपथ ग्रहण से पहले ही कांग्रेस के 6 विधायक और 1 पूर्व पीसीसी अध्यक्ष ने तत्कालीन पंजाब कांग्रेस चीफ नवजोत सिंह सिद्धू को एक पत्र लिखा था और राणा गुरजीत सिंह को कैबिनेट से बाहर रखने की मांग की गई थी। पत्र में लिखा गया था कि राणा गुरजीत सिंह खनन घोटाले में शामिल रहे हैं। वह भ्रष्टाचार के आरोपी हैं इसलिए उन्हें पंजाब के कैबिनेट मंत्रियों की लिस्ट से बाहर किया जाए। कहा गया था कि विधानसभा चुनावों को देखते हुए गुरजीत की जगह किसी साफ छवि वाले दलित चेहरे को शामिल किया जाए। हालांकि चन्नी राणा को शामिल करना चाहते थे और उन्होंने शपथ भी दिलवा दी। इससे सिद्धू और उनके खेमे में संदेश गया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह अब भले ही सीएम नहीं हैं लेकिन चन्नी भी उनके लिए ‘नए कैप्टन’ ही साबित होने वाले हैं। नाराजगी भले बढ़ी पर कांग्रेस नेतृत्व को लगा कि अगर नियुक्तियों को फिर से पलटा गया तो यह चन्नी की पोजिशन से समझौता होगा।
  4. चन्नी के सीएम बनने के बाद शाम तक बड़े फैसले की बात : 21 सितंबर को जब चन्नी ने सीएम पद की शपथ ली तो सिद्धू ने शाम तक बड़े फैसले का दावा किया था लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। इसके अलावा चन्नी सरकार की दो कैबिनेट बैठकों में बेअदबी, ड्रग्स और रेत खनन को लेकर कोई फैसला नहीं लिया गया। शायद उस वक्त भी सिद्धू के मनमुताबिक फैसला नहीं लिया गया।
    कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को लिखे पत्र में सिद्धू ने कहा है कि वह पार्टी की सेवा करना जारी रखेंगे। खबर है कि सिद्धू का इस्तीफा मंजूर नहीं होगा। पार्टी ने प्रदेश के नेताओं को आपस में मामला सुलझाने को कहा है। सिद्धू ने इस्तीफे के बाद करीबी नेताओं के साथ बैठक की है। जिस तरह से सिद्धू के करीबी नेताओं के भी इस्तीफे हुए हैं, उससे साफ है कि अगर सिद्धू कांग्रेस से बाहर निकलते हैं तो पार्टी के कई मंत्री और विधायक भी उनके साथ चले जाएंगे। अब सिद्धू ने वीडियो जारी कर जनता के सामने अपनी नाराजगी भी साफ कर दी है। देखना यह होगा अगले कुछ दिनों में पंजाब की सियासत क्या करवट लेती है।

Related posts

इजराइल ने सीरिया पर दागी मिसाइलें , 5 लोगों की मौत

Pradesh Samwad Team

तालिबान ने भारत को बताया क्षेत्र का अहम हिस्सा, बोला- बनाना चाहते हैं अच्छे संबंध

Pradesh Samwad Team

सऊदी अरब और UAE पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइल से किया हमला, बीच हवा में ‘तबाह’ की गईं

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment