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September 11, 2026
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पाकिस्तान: क्वेटा के सेरेना होटल के पास फिर हुआ विस्फोट, 2 पुलिसकर्मियों की मौत, 8 घायल

पाकिस्तान के अशांत प्रांत बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा में हुए विस्फोट में कम से कम दो पुलिसकर्मियों की मौत हुई है। बताया जा रहा है कि यह विस्फोट क्वेटा के प्रसिद्ध सेरेना होटल के पास हुआ है। इस धमाके में आठ लोग घायल बताए जा रहे हैं। बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता लियाकत शाहवानी ने बताया कि तंजीम चौक के पास एक पुलिस मोबाइल को निशाना बनाकर किए गए विस्फोट में चार राहगीर भी घायल हुए हैं। इससे पहले 22 अप्रैल को इस होटल में ठहरे चीनी राजदूत को निशाना बनाकर हमला किया गया था।
मोटरसाइकिल में फिट किया गया था बम : सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि है कि बम मोटरसाइकिल में फिट किया गया था। घायलों को अस्पताल लेकर जाया गया है। पूरे इलाके में इमरजेंसी का ऐलान कर दिया गया है। उन्होंने हमले की निंदा करते हुए कहा कि आतंकवादी बलूचिस्तान की शांति भंग करना चाहते हैं और भय फैलाना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हम शांतिपूर्ण बलूचिस्तान में अशांति पैदा करने की कोशिश कर रहे तत्वों को न्याय के कटघरे में खड़ा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने हमले की निंदा की : बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री जाम कमाल खान ने भी हमले की निंदा की और दो पुलिसकर्मियों की मौत पर दुख जताया। उन्होंने कहा कि “आतंकवादी तत्व प्रांत की शांति को बर्बाद करना चाहते हैं। हम आतंकवादियों को उनकी नापाक योजनाओं में सफल होने की अनुमति नहीं देंगे। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हमले की रिपोर्ट सौंपने और घायलों को बेहतर इलाज की सुविधा मुहैया कराने का निर्देश दिया।
क्वेटा में लगातार हो रहे धमाके : इसी साल 22 अप्रैल को क्वेटा सेरेना होटल की पार्किंग में एक शक्तिशाली बम विस्फोट किया गया था। उस धमाके मेंपांच लोगों की मौत हुई थी और एक दर्जन अन्य घायल हो गए थे। तब से, शहर में ऐसे कई हमले हुए हैं जिनमें सुरक्षाकर्मी और नागरिक घायल हुए या अपनी जान गंवाई है। पिछले महीने के अंत में, क्वेटा के बाहरी इलाके हजार गंजी में एक विस्फोट में कम से कम चार लोग घायल हो गए थे और फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) का एक वाहन क्षतिग्रस्त हो गया था।
चीन विरोधी बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पर हमले का शक : इस हमले का शक बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी पर जताया जा रहा है। इस संगठन ने पहले भी चीन के अधिकारियों और कर्मचारियों पर कई हमले किए हैं। पिछले साल कराची स्टॉक एक्सचेंज पर हुए हमले में भी इसी संगठन का हाथ बताया जाता है। पाकिस्तानी सेना ने साल 2006 में परवेज मुशर्रफ के इशारे पर बलूचिस्तान के सबसे प्रभावशाली नेता नवाब अकबर बुगती की हत्या कर दी थी। मुशर्रफ को उनकी हत्या के मामले में साल 2013 में गिरफ्तार भी किया गया था। मुशर्रफ ने उस समय अपने बचाव में कहा था कि ये नेता तेल और खनिज उत्पादन में होने वाली आय में हिस्सेदारी की मांग कर रहे थे।
बलूचिस्तान की रणनीतिक स्थिति पाक के लिए अहम : बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक सूबा है। पाक से सबसे बड़े प्रांत में शुमार बलूचिस्तान की सीमाएं अफगानिस्तान और ईरान से मिलती है। वहीं कराची भी इन लोगों की जद में है। चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर का बड़ा हिस्सा इस प्रांत से होकर गुजरता है। ग्वादर बंदरगाह पर भी बलूचों का भी नियंत्रण था जिसे पाकिस्तान ने अब चीन को सौंप दिया है।

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