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September 8, 2026
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एक्सपर्ट की चेतावनीः अगले 4 साल में पाकिस्तान पर हो जाएगा चीन का कब्जा !


चीन का सपना दुनिया की सबसे बड़ी ताकत के रुप में उभरना है। इसके लिए ड्रैगन दोस्ती और हमदर्दी की आड़ में कई देशों को अपने ऋण जाल में फंसा चुका है। कई एशियाई व अफ्रीकी देश चीन के इस चकरव्यूह में बुरी तरह फंस भी चुके हैं। चीन दोस्ती की आड़ में पाकिस्तान को भी शीशे में उतार चुका है और उसके जायज-नजायज कामों समें साथ दे रहा है। दरअसल चीन का इरादा धीरे-धारे पाक पर कब्जा कर भारत तक पहुंचने का है। जिस तरह पाकिस्तान में चीन की दखलअंदाजी बढ़ रही है और ड्रैगन लगातार अपने लोगों को भेजकर अलग-अलग प्रोजेक्ट को पूरा कर रहा है, वह दिन दूर नहीं जब पाकिस्तान पर चीनियों का दबदबा होगा।
इमरान का नया पाकिस्तान बनेगा चीन का उपनिवेश : चीन का बढ़ता प्रभुत्व पाकिस्तान को आर्थिक गुलाम की ओर धकेल रहा है और इमरान का नया पाकिस्तान चीन का उपनिवेश बनने की ओर बढ़ रहा है।पाकिस्तान में चीन के बढ़ते दबदबे के बीच अगले चार सालों में पाक में काम करने वालों की संख्या 50 लाख पार कर जाएगी। एक वरिष्ठ पाकिस्तानी पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट ने कहा कि 2025 तक 50 लाख से अधिक चीनी नागरिक पाकिस्तान में काम करेंगे। पाकिस्तान में चीनी नागरिकों की बेहतर स्वास्थ्य सुविधायों को लेकर भी एक खाका तैयार हो रहा है। माना जा रहा है कि आने वाले इन सालों में ये चीनी नागरिक चीन पाकिस्तान हेल्थ कॉरिडोर और अन्य परियोजनाओं में काम करेंगे।
स्वास्थ्य सुविधाओं से हो रही तैयारी : द न्यूज इंटरनेशनल के साथ एक साक्षात्कार के दौरान पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट डॉ शहजाद अली खान कहा कि चीन पाकिस्तान हेल्थ कॉरिडोर के तहत पाकिस्तानी और चीनी चिकित्सा विश्वविद्यालयों के अनुसंधान संस्थानों और जैव प्रौद्योगिकी फर्मों के बीच सहयोग बढ़ाकर ही इन श्रमिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को पूरा कर सकता है। विशेषज्ञ इसे पाकिस्तान में चीनी पैठ के प्रयास के रूप में देख रहे हैं। चीनी नागरिकों की पाकिस्तान में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी अभी से ही तैयारी हो रही है।
पारंपरिक चीनी दवाओं में पाकिस्तानी विशेषज्ञ होंगे प्रशिक्षित : स्वास्थ्य सेवा अकादमी (HSA) के कुलपति प्रोफेसर डॉ शहजाद अली खान ने साक्षात्कार के दौरान कहा कि हम आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ-साथ पारंपरिक चीनी दवाओं में पाकिस्तानी विशेषज्ञों को प्रशिक्षित करना चाहते हैं, जो चीन में लाखों लोगों का पसंदीदा इलाज है। उन्होंने कहा कि ये विशेषज्ञ न केवल चीनी नागरिकों बल्कि पाकिस्तानी लोगों की भी चिकित्सा जरूरतों को पूरा करेंगे, जो वैकल्पिक चिकित्सा में विश्वास करते हैं।
बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी कर रही विरोध : यह एक्पर्ट्स की चे चेतावनी रिपोर्ट ऐसे वक्त में सामने आई है जब पाकिस्तान में चीन का प्रभुत्व तेजी से बढ़ रहा है। पाकिस्तान में चीन के बढ़ते प्रभुत्व की वजह से ही बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी जैसे संगठन इसका धुलकर विरोध कर रहे हैं और चीनी नागरिकों को निशाना बना रहे हैं और हमले को अंजाम दे रहे हैं। चीन का जैसे-जैसे पाकिस्तान में प्रभाव बढ़ रहा है, उसी तर्ज पर पाकिस्तान में काम कर रहे चीनी नागरिकों पर हमले भी तेज हो गए हैं।

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