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September 22, 2026
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अफगानिस्तान में तेजी से बिगड़ रहे हालात, 5 दिनों में सातवीं प्रांतीय राजधानी पर तालिबान का कब्जा

अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद से ही तालिबान ने कोहराम मचाया हुआ है। मंगलवार को तालिबान लड़ाकों ने अफगान सेना को पीछे ढकेलते हुए पांच दिनों में सातवीं प्रांतीय राजधानी पर कब्जा जमा लिया है। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि पश्चिमी फराह प्रांत की राजधानी फराह मंगलवार दोपहर सुरक्षा बलों के साथ एक छोटी लड़ाई के बाद तालिबान के कब्जे में आ गया। फराह के राज्यपाल कार्यालय और पुलिस मुख्यालय पर अब तालिबान का कब्जा है।
मजार-ए-शरीफ पर भी तालिबान का कब्जा : इस बीच अफगानिस्तान के उत्तर में सबसे बड़ा शहर मजार ए शरीफ भी तालिबान के कब्जे में आ चुका है। हालांकि अफगान सेना का दावा है कि उन्होंने तालिबान के हमले को विफल कर दिया है। इस बीच मजार ए शरीफ में स्थित भारत समेत कई देशों के वाणिज्यिक दूतावास खाली होने शुरू हो गए हैं। भारत ने भी अपने वाणिज्यिक दूतावास से राजनयिकों और कर्मचारियों को वापस बुलाने के लिए विशेष विमान भेजने का ऐलान किया है।
अफगान सेना को सीमित सहायता दे रहा अमेरिका : तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान में तेजी से क्षेत्रीय लाभ हासिल करने के बावजूद अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने जोर देकर कहा है कि वह अफगान सेना की मदद के लिए बहुत कुछ नहीं कर सकता है। पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने कहा कि यह उनका देश और इसकी रक्षा उन्हीं को करनी होगी। किर्बी से पूछा गया कि क्या अमेरिका सरकारी बलों को इस्लामिक लड़ाकों को खदेड़ने में मदद करने के लिए हवाई हमले तेज करेगा? इसके जवाब में उन्होंने कहा कि यह उनका संघर्ष है।
अमेरिकी सैनिकों की वापसी पर बाइडन सख्त : किर्बी ने कहा कि वह गंभीरता से चिंतित हैं कि अफगानिस्तान के नियंत्रण की लड़ाई तालिबान के पक्ष में जा रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपतिजो बाइडन इस महीने के अंत में अमेरिका की उपस्थिति को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। मजार-ए-शरीफ पर हमले की पुष्टि अफगान सरकार ने की थी, हालांकि ऐसा माना जाता है कि लड़ाई शहर के बजाय आस पास के इलाकों में हुई थी।
मजार ए शरीफ से बाहर भाग रहे लोग : अफगानिस्तान में रेडियो स्टेशनों के मालिक MOBY ग्रुप के अध्यक्ष साद मोहसेनी ने कहा कि अपनी सुरक्षा के डर से भाग रहे नागरिकों को लेकर हर दिन 15 उड़ानें काबुल के लिए मजार ए शरीफ से निकल रही हैं। तालिबान ने सोमवार को मजार-ए-शरीफ से महज 40 मील की दूरी पर एक क्षेत्रीय राजधानी ऐबक पर कब्जा कर लिया था। इतना ही नहीं, तालिबान ने अफगान सेना के एक बेस पर भी कब्जा किया है। इस बेस पर तालिबान के हाथ हम्वी सहित 650 सैन्य गाड़ियां लगी हैं।
इन सात राजधानियों पर तालिबान का कब्जा : तालिबान ने अबतक कुंदुज, सर-ए-पुल, तालोकान, जरांज, शेबर्गा, मजार-ए-शरीफ और फराह पर कब्जा जमा लिया है। तालिबान लड़ाके तेजी से बाकी प्रांतीय राजधानियों की तरफ भी बढ़ रहे हैं। माना जा रहा है कि कंधार और हेरात भी जल्द ही तालिबान के नियंत्रण में आ जाएंगे। इस बीच यूरोपीय यूनियन के एक अधिकारी ने कहा है कि तालिबान ने अफगानिस्तान के 65 फीसदी हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया है।

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