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विशेष रेलगाड़ी से 550 टन सामान बांग्लादेश भेजा गया


भारतीय रेलवे के भोपाल मंडल ने सामान परिवहन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के तहत 31 अगस्त को 550 टन सामान बुक कर भोपाल के पास मंडीदीप स्टेशन से विशेष रेलगाड़ी के जरिये बेनापोल (बांग्लादेश) भेजा गया।
भोपाल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सौरभ बंदोपाध्याय ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता में बताया, ‘‘मंडल द्वारा किये जा रहे निरन्तर प्रयासों के परिणामस्वरूप इस वर्ष 31 अगस्त को बुक किये गए लगभग 550 टन सामान, जिसमें सूती धागे, सूती कपड़ा, एवं रोजमर्रा की वस्तुएं शामिल हैं, मंडीदीप स्टेशन से 23 पार्सल यान (कोच) में लोड कर बेनापोल (बांग्लादेश) परिवहन किये गए। इससे रेलवे को 29,06,681 रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।’’
डीआरएम ने बताया कि मंडल के रेलवे चिकित्सालय में ऑक्सीजन संयंत्र स्वतंत्रता दिवस के दिन शुरू किया गया है। 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता वाले इस संयंत्र के रेलवे अस्पताल में लग जाने से कोविड मरीजों को समय रहते ऑक्सीजन की आवश्यक आपूर्ति की जा सकेगी।
उन्होंने बताया कि भोपाल के हबीबगंज कोचिंग डिपो में स्वचालित यान (कोच) धुलाई संयंत्र लगाया गया है। इस उच्च तकनीक से 24 कोच की ट्रेन को केवल 7-8 मिनट में साफ किया जा सकेगा। इस संयंत्र में 30 हजार लीटर की क्षमता वाला एक अपशिष्ट शोधन संयंत्र भी लगाया गया है जिससे सफाई के बाद निकले हुए पानी को 90 प्रतिशत से अधिक रिसाइकिल करके पुन: उपयोग में लाया जा सकेगा। इससे पानी की खपत कम होगी।
उन्होंने कहा कि गाड़ियों के संचालन के बाद डिब्बों की सतह बहुत गंदी हो जाती है, जिन्हें मैनुअल/ पारंपरिक तरीकों से सफाई करना मुश्किल होता है। अब इस स्वचालित संयंत्र के लग जाने से यह समस्या खत्म हो जायेगी। बंदोपाध्याय ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के दिशा में काम करते हुए भोपाल रेल मंडल के होशंगाबाद, सांची, विदिशा, गंजबासौदा, शिवपुरी स्टेशनों पर प्लास्टिक बॉटल क्रश मशीन स्थापित की गई है जबकि भोपाल, हबीबगंज, इटारसी और बीना स्टेशन पर यह पहले से ही लगी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि मंडल द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाये गये हैं। इनमें स्वच्छ प्रौद्योगिकियों को अपनाना, ऊर्जा संरक्षण, ऊर्जा के नवीकरणीय स्रोतों का उपयोग, सघन वृक्षारोपण, यात्रियों को प्लास्टिक के थैले का उपयोग बन्द करने एवं सूती कपड़े के थैलों का उपयोग अपने व्यवहार में लाने के प्रति जागरूक करना शामिल है।

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