Pradesh Samwad
ज़रा हटकेमध्य प्रदेश

विवाहित पुत्री भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार, मप्र हाई कोर्ट ने दिया 60 दिन में अपॉइंटमेंट करने आदेश

जबलपुर। हाई कोर्ट ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि यदि याचिकाकर्ता पात्र है तो उसके आवेदन पर विचार कर उसे अनुकंपा नियुक्ति प्रदान करने का निर्णय पारित करें। न्यायमूर्ति संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने इसके लिए 60 दिन की मोहलत दी है। हाई कोर्ट ने यह भी कहा है कि यदि याचिकाकर्ता अनुकंपा नियुक्ति पाने की हकदार नहीं है तो अभ्यावेदन निराकृत करते समय उचित कारण भी रेखांकित करेंयाचिकाकर्ता जबलपुर निवासी राजकुमारी बालमीक की ओर से अधिवक्ता मोहनलाल शर्मा, शिवम शर्मा व अमित स्थापक ने पक्ष रखा। उन्होंने दलील दी कि याचिकाकर्ता विवाहित बेटी है। पिता की मृत्यु के बाद उसने डीईओ के समक्ष अनुकंपा नियुक्ति पाने अभ्यावेदन प्रस्तुत किया था।

विवाहित पुत्री भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार
दलील दी गई कि हाई कोर्ट की फुल बेंच ने मीनाक्षी दुबे विरुद्ध मप्र पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के मामले में यह अभिनिर्धारित किया है कि विवाहित पुत्री भी अनुकंपा नियुक्ति की हकदार है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने डीईओ को याचिकाकर्ता के लंबित अभ्यावेदन पर विचार कर उचित निर्णय पारित करने के निर्देश दे दिए।

Related posts

Modern First‑Date Etiquette: Blog Aboutrelationship Experien’s Expert Playbook

5 überzeugende Gründe, warum das Mobile Live‑Dealer‑Erlebnis bei Bizzo Casino unschlagbar ist

Slots classiques vs slots modernes : comment la diversification des portfolios influence les bonus et la rentabilité sur mobile