36.9 C
Madhya Pradesh
April 21, 2026
Pradesh Samwad
देश विदेश

भाई-बहन के बीच सेक्स पर प्रतिबंध लगाएगा फ्रांस, बोला- अनाचार समाज में स्वीकार्य नहीं

फ्रांस सरकार ने अनाचार संबंधों (पारिवारिक यौन संबंध) पर प्रतिबंध लगाने की योजना की घोषणा की है। फ्रांस में बच्चों को छोड़कर अनाचार को इस समय कानूनी दर्जा प्राप्त है। फ्रांस बाल संरक्षण राज्य मंत्री एड्रियन टैक्वेट ने कहा कि सरकार का इरादा ऐसे रिश्तों को आपराधिक बनाना है, भले ही दोनों की उम्र 18 साल के अधिक ही क्यों न हो। अनाचार एक ही परिवार के सदस्यों (जैसे भाई और बहन) के बीच गैर-कानूनी यौन संबंध को कहते हैं। इसे कौटुंबिक व्यभिचार भी कहा जाता है।
मंत्री बोले- आप अपने खून से सेक्स नहीं कर सकते : समाचार एजेंसी एएफपी ने टैक्वेट का हवाला देते हुए कहा कि नया कानून समाज में स्पष्ट रोक जारी करने के लिए है। अनाचार समाज में स्वीकार्य नहीं है … चाहे कोई भी उम्र हो। आप अपने पिता, अपने बेटे या अपनी बेटी के साथ यौन संबंध नहीं रख सकते हैं। यह उम्र का सवाल नहीं है, यह वयस्कों की सहमति का सवाल नहीं है। हम अनाचार के खिलाफ लड़ रहे हैं। संकेत स्पष्ट होने चाहिए।
18 साल की उम्र सीमा की भी समीक्षा की जाएगी : उन्होंने कहा कि अनाचार के लिए 18 साल की सीमा की समीक्षा की जाएगी। चचेरे भाइयों को अभी भी बदले हुए नियमों के तहत शादी करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने इस बारे में कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया कि क्या प्रस्तावित कानून का विस्तार सौतेले परिवार (Stepfamilies) तक होगा या नहीं।
फ्रांस ने 1791 में किया था कानून में बदलाव : चाइल्ड प्रोटेक्शन चैरिटी लेस पैपिलॉन्स के अध्यक्ष लॉरेंट बोएट ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा कि अनाचार को कानूनी रूप से प्रतिबंधित किया जाना चाहिए, क्योंकि यह पहले से ही सामाजिक रूप से निषिद्ध था। 1791 में, अनाचार, ईशनिंदा और सोडोमी को फ्रांसीसी दंड संहिता से अपराध की श्रेणी से हटा दिया गया था। उनका मानना है कि अगर कोई पीड़ित नहीं है तो वह कोई अपराध नहीं है।
फ्रांस ने बलात्कार रोधी कानून में किया है बदलाव : पिछले साल फ्रांस ने बलात्कार रोधी कानून में बड़ा बदलाव किया था। जिसके बाद से 15 साल के कम उम्र की लड़की के साथ यौन संबंध बनाने को बलात्कार माना जा रहा है। फ्रांस का दावा है कि कानून में इस बदलाव के बाद अब बच्चियों के साथ यौन अत्‍याचार के मामलों में दंड देना आसान हो जाएगा। फ्रांस में बच्चियों के साथ बढ़ते रेप और यौन दुव्‍यर्वहार के मामलों के बाद जनता की ओर से दबाव पड़ रहा था और इस वजह से सरकार को यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।

Related posts

अगर आप ‘मुस्लिम’ नहीं हैं तो यूएई जाने से पहले जान लीजिए ‘नया कानून’, मिल सकते हैं कई लाभ

Pradesh Samwad Team

दुनिया में सबसे ज्यादा वैक्सीन लगाने वाला देश बना यूएई, 80 फीसदी से ज्यादा को लगी दोनों डोज

Pradesh Samwad Team

इक्वाडोर की जेल में मचा हुड़दंग, एक दूसरे का गला काट रहे कैदी, अबतक 100 की मौत

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment