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September 20, 2026
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फ्रांस का हिस्सा बना रहेगा न्यू कैलेडोनिया, चीन की चाल हुई नाकाम, जनमत संग्रह में लोगों ने कहा- ‘हां’

फ्रांस के प्रशांत सागरीय क्षेत्र न्यू कैलेडोनिया के मतदाताओं ने रविवार को फ्रांस के साथ बने रहने के पक्ष में मतदान किया। हालांकि स्वतंत्रता समर्थक शक्तियों ने इस जनमत संग्रह का बहिष्कार किया। फ्रांस के राष्ट्रपति एमैनुअल मैक्रों ने (जनमत संग्रह के) इस परिणाम को हिंद प्रशांत क्षेत्र में फ्रांस की भूमिका पर शानदार मुहर बताया एवं इस क्षेत्र के भावी दर्जे पर चर्चा करने की घोषणा की। हालांकि, अलगाववादी कार्यकर्ताओं ने निराशा प्रकट की। न्यू कैलेडोनिया में तेजी से प्रभाव बढ़ा रहे चीन के लिए भी इसे झटका माना जा रहा है।
अलगाववादियों ने किया बहिष्कार : अलगाववादी कार्यकर्ताओं ने महामारी के चलते जनमत संग्रह में देरी करने की अपील की थी। वे नाराज हैं और उनका आरोप है कि फ्रांस सरकार ने अभियान को प्रभावित करने का प्रयास किया। इसलिए उन्होंने अपने समर्थकों से मतदान केंद्रों से दूर रहने का आह्वान किया था। ऐसा हुआ भी। बड़ी संख्या में स्वतंत्रता के समर्थक लोगों ने जनमत संग्रह का बहिष्कार किया।
96 फीसदी लोग फ्रांस के साथ रहने के पक्ष में : आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार जितने लोगों ने मतदान किया, उनमें 96 फीसद ने फ्रांस के साथ ही रहने का फैसला किया। वैसे मतदान का प्रतिशत महज 42 रहा। यह आंकड़ा पिछले स्वतंत्रता संबंधी जनमत संग्रह में जुटे मतदाताओं के आधे से भी कम है। तब जनमत संग्रह में फ्रांस से अलग होने के पक्ष में 46.7 फीसद मतदाता थे। सदर्न प्रोविंस क्षेत्र की अध्यक्ष सोनिया बैक्स ने कहा कि आज रात, हम फ्रांसीसी हैं और हम ऐसा ही बने रहेंगे। मतदान संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में हुआ।
चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच हुआ जनमत संग्रह : उपनिवेश की मुक्ति के वैश्विक प्रयास तथा इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव के बीच यह जनमत संग्रह कराया गया। न्यू कैलेडोनिया एक द्वीपसमूह है जिसे 19वीं सदी में नेपोलियन के भतीजे ने उपनिवेश बनाया था। इस क्षेत्र में 2,70,000 लोग रहते हैं। मैक्रों ने टेलीविजन पर प्रसारित अपने संबोधन में कहा कि आज रात फ्रांस और सुंदर हो गया है क्योंकि न्यू कैलेडोनिया ने (फ्रांस के साथ) बने रहने का फैसला किया है।
18 महीनों में सभी प्रक्रियाओं को किया जाएगा पूरा : रविवार का मतदान तीन दशक से चल रही उपनिवेश मुक्ति प्रक्रिया का तीसरा एवं आखिरी चरण था। यह प्रक्रिया 1988 की हिंसा से शुरू हुई थी। तब फ्रांस ने नौमिया समझौते के तहत न्यू कैलेडोनिया को व्यापक स्वायत्तता दी थी। हालांकि, यह प्रक्रिया इस आखिरी जनमत संग्रह के साथ समाप्त नहीं हुई है। अब फ्रांस, अलगाववादियों एवं गैर अलगाववादियों के पास नए दर्जे पर वार्ता करने के लिए 18 महीने हैं। इस द्वीपसमूह के 307 मतदान केंद्रों पर लोगों के सामने प्रश्न रखा गया कि क्या आप न्यू कैलेडोनिया को पूर्ण संप्रभुता प्राप्त करते एवं स्वतंत्र होते हुए देखना चाहते हैं?

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