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दुल्हन से जुड़े वो 4 खर्चें, जिन्हें शादी का बजट बनाते हुए ज्यादातर लोग जाते हैं भूल


इस बात में कोई दोराय नहीं कि भारत में अभी भी बहुत से लोग ऐसे हैं, जो लड़की की पढ़ाई से ज्यादा उसकी शादी पर पैसे खर्च करने को ही अपनी समझदारी मानते हैं। हालांकि, अपनी बेटी को हर सुख-सुविधा देकर विदा करना हर बाप को अच्छा लगता है। लेकिन समाज में इस इमेज को बरकरार रखने का सबसे ज़्यादा प्रेशर उन लोगों पर होता है, जो बेटी की शादी के बाद जिंदगी भर कर्ज में डूबे रहते हैं।

एक दिन के दिखावे के लिए लड़की के माता-पिता इस कदर लोगों से पैसे उधार ले लेते हैं कि जहां उन्हें 10 लाख लगाने थे, वहां उनके 20 लग जाते हैं। हालांकि, शादी का बजट बनाना पूरी तरह से अपने हाथ में हैं। ऐसे में अगर आप चाहते हैं कि बेटी की शादी भी बढ़िया से हो जाए और आपका बजट भी न बिगड़े, तो आपको सबसे पहले दुल्हन के उन छिपे हुए खर्चों को पहचानना होगा, जो अचानक से सामने आ जाते हैं। (फोटोज-इंडिया टाइम्स)
शादी के कपड़ों की फिटिंग : अगर आप शादी की शॉपिंग कर रहे हैं, तो इस बात ध्यान रखें कि ब्राइडल ऑउटफिट्स की सिलाई-फिटिंग एंड ऑल्टरेशन आम कपड़ों के मुकाबले थोड़ी महंगी होगी। यही नहीं, लास्ट मिनट ऑल्टरेशन के लिए हमें कभी-कभार डबल पैसे भी देने पड़ सकते हैं, जिनका हिसाब हम पहले से कभी बनाकर नहीं रखते हैं।
शादी की साड़ियों से लेकर ब्लाउज की फिटिंग तक यह ऐसी चीजें हैं, जिन्हें ज्यादातर लोग शादी के बजट में ऐड नहीं करते हैं। ऐसे में आप जब भी ड्रेस का बजट बनाएं तो उसमें एडिशनल कॉस्ट भी जरूर जोड़ लें ताकि आप पर अचानक से ज्यादा प्रेशर न पड़ें।
रेंट पर ब्राइडल जूलरी लेना : सगाई से लेकर शादी के बाद होने वाली रस्मों में पहन जाने वाले कपड़ों का तो हम बजट बना लेते हैं। लेकिन इन ऑउटफिट्स के साथ मैच करने वाली जूलरी का कोई हिसाब नहीं रहता। ज्यादातर दुल्हनें शादी के सभी फंक्शन्स में सबसे अलग दिखने के लिए जूलरी रेंट पर लेना पसंद करती है, जिसमें अच्छा-खासा खर्चा होता है।
यही नहीं, अगर पहले से बुक न कराए तो उस पर हर दिन का अलग रेंट भी बढ़ता है। ऐसे में अगर आपकी भी जल्दी शादी होने वाली है, एक्स्टा खर्चो में अपनी जूलरी को शामिल करना न भूलें।
मामा-बुआ की लड़कियों के लिए अरेंजमेंट : आप ने अपने लिए तो बढ़िया वाला पार्लर बुक कर लिया लेकिन सोचा है कि आपके मामा-बुआ की बेटियां कहां तैयार होंगी। अगर आप अपनी लिस्ट में यह अवॉइड कर रही हैं, तो ऐसा बिल्कुल न करें। आपकी शादी एक ऐसा मौका है, जिसमें करीबी बहनों को टाला नहीं जा सकता है।
अगर जानकर आपने ऐसा कर भी दिया तो एक तो पूरी जिंदगी आप अपने रिलेटिव्स के ताने सुनेंगे साथ ही साथ आपको भला-बुरा कहने का भी कोई मौका भी नहीं छोड़ा जाएगा। हालांकि, इसके लिए आप अलग से एक बजट बनाएं। किसी पार्लर से दो तीन लड़कियों को बुक कर लें ताकि वह बाकी सभी को रेडी कर सके।
सुसराल में मिलाई पर होने वाला खर्च : शादी के बाद सुसराल में एक रस्म होती है, जहां दुल्हन लड़के पक्ष के रिश्तेदारों विशेषकर बड़ी उम्र के लोगों के पैर छूकर अपनी तरफ से शगुन के लिफाफे देती है। हालांकि, लड़के की मां पहले ही बता देती है कि किसको कितने पैसे देने हैं। लेकिन कभी-कभार 500 रूपए की जगह 1000 भी देने पड़ जाते हैं, जिसकी वजह से आपके पास पैसे कम भी पड़ सकते हैं। हालांकि, एक तो आप तय लिफाफों से ज्यादा लिफाफे बनाकर ले जाएं साथ ही कुछ एक्स्ट्रा पैसे भी अपने पास रखें।

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