35.2 C
Madhya Pradesh
June 10, 2026
Pradesh Samwad
दिल्ली NCRदेश विदेशप्रदेश

चमत्कार! पेंसिल से सांस की नली में छेंद, बिना सर्जरी ठीक हो गई 2 साल की मासूम बच्ची

दो साल की बच्ची पर एक नुकीली पेंसिल गिरने से उसकी सांस नली पंक्चर हो गई और हवा रिसने लगी। बच्ची को तुरंत हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने रिसाव को बंद किया और सांस नली को प्राकृतिक तौर पर रिपेयर होने दिया। डॉक्टर्स का कहना है कि अगर तुरंत ट्रीटमेंट नहीं किया जाता, तो बच्ची का जीवित रहना मुश्किल था। बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया और तीन दिन बाद उसकी चोट ठीक हो गई।
घटना द्वारका की है। घबराए पैरंट्स बच्ची को अस्पताल ले गए जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया। मामला गंभीर होने पर बच्ची के पैरंट्स उसे आकाश हेल्थकेयर अस्पताल ले गए। डॉक्टर्स का कहना है कि घटना के लगभग 4 घंटे बाद बच्ची में सूजन होना शुरू हो गई, क्योंकि उसके सांस लेने से हवा शरीर में जमा हो रही थी। यह 0.5 सेंटीमीटर का पंक्चर था। अगर रिसाव को बंद नहीं किया जाता और नली रिपेयर नहीं होती तो बच्ची 2-3 घंटे ही और जीवित रह सकती थी। उसके हार्ट और फेफड़ों को ऑब्सट्रक्टिव शॉक का खतरा था, क्योंकि जमा होने वाली हवा ने फेफड़ों के विस्तार के लिए जगह कम कर दी थी और छाती को ऊपर उठने के लिए सांस लेना जरूरी था। डॉक्टर्स ने कम उम्र के कारण सर्जरी न करने का विकल्प चुना और चोट को ठीक कर दिया।
अस्पताल के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर एंड पीडियाट्रिक्स, कंसल्टेंट डॉ. समीर पुनिया ने बताया कि बच्ची का चेहरा, गर्दन, छाती, पेट और आंख सूजी हुई थीं। वह आंख नहीं खोल पा रही थी। ऐसे मामलों में सर्जिकल रिपेयर की जरूरत होती है, जिसमें छाती को खोलते हैं, फेफड़े में जाते हैं और चोट की जगह को सिलाई करते हैं या टूटे हुए पाइप को जोड़ने के लिए गोंद का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, गोंद का इस्तेमाल करने से फिर से रिसाव या विंडपाइप में खराबी होने का खतरा होता है। बच्ची बहुत छोटी थी, इसलिए ओपन-चेस्ट सर्जरी करना सही नहीं था।
हमने ब्रोंकोस्कोपी का इस्तेमाल करके चोट की जगह को प्रभावित किए बिना प्राकृतिक इलाज के लिए चोट की साइट पर 3 दिनों तक कुछ नहीं किया। पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी डिपार्टमेंट के हेड डॉ सैयद हसन ने कहा कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखा गया था और 3 दिनों के बाद जब हमने ब्रोंकोस्कोप से चोट वाली जगह की स्थिति की जांच की, तो पाया कि वह खुद ठीक हो गई है। छोटे बच्चों में फेफड़े के टिश्यू 48 घंटों में खुद को ठीक कर सकते हैं। हॉस्पिटल में भर्ती होने के 5 दिन बाद उसे छुट्टी दे दी गई और बच्ची ने सामान्य जीवन जीना शुरू कर दिया है।

Related posts

मौसम विभाग ने कहा- 8 इंच तक गिर सकता है पानी

Pradesh Samwad Team

लंदन में पाकिस्तान के पूर्व PM नवाज शरीफ के दफ्तर पर फिर हमला

Pradesh Samwad Team

तेल और गैस के आयात पर लगाएंगे पूर्ण प्रतिबंध, रूस को बड़ा झटका देने की तैयारी में G7 देश

Pradesh Samwad Team

Leave a Comment