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June 20, 2026
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भारत के लिए लकी है वांडरर्स का मैदान, भारत के पास पहली बार सीरीज फतह का मौका

भारत को नए साल में इतिहास रचने का मौका मिलेगा जब कई मैच विजेताओं की मौजूदगी वाली विराट कोहली की टीम सोमवार से शुरू हो रहे दूसरे टेस्ट में दक्षिण अफ्रीका को हराकर इस देश में पहली टेस्ट सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी।
‘बॉक्सिंग डे टेस्ट’ में सेंचुरियन में दक्षिण अफ्रीका का किला ढहाने के बाद भारत अब जोहानिसबर्ग में जीत दर्ज करने उतरेगा जिसे देश के बाहर भारतीय टीम का ‘घर’ माना जाता है। तीन मैचों की सीरीज में टीम इंडिया 1-0 से आगे है।
यहीं 2018 में भारत की सर्वश्रेष्ठ टेस्ट टीम में से एक की नींव रखी गई जब काफी मुश्किल पिच पर भारत ने मेजबान टीम को हराया और टीम इंडिया को शीर्ष टीमों से भिड़ने और उन्हें उन्हीं के मैदान पर पस्त करने का आत्मविश्वास मिला।
भारतीय टीम लगभग चार साल से विदेशी सरजमीं पर प्रभावी प्रदर्शन कर रही है और टीम का रुकने का कोई इरादा नहीं है। वांडरर्स में टेस्ट जीत इस पारंपरिक प्रारूप में देश के महानतम कप्तानों में से एक के रूप में कोहली के दर्जे को मजबूत करेगी जो न्यूजीलैंड को छोड़कर चार सेना देशों (दक्षिण अफ्रीका, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया) में से जीत में श्रृंखला जीत चुका होगा।
दक्षिण अफ्रीका की टीम कई दिग्गज खिलाड़ियों के जाने के बाद बदलाव के दौर से गुजर रही है और भारत के पास टेस्ट श्रृंखला जीतने का इससे अच्छा मौका नहीं होगा।
दक्षिण अफ्रीका की मौजूदा टीम के लिए भारत को चुनौती दे पाना आसान नहीं होगा लेकिन मेजबान टीम के पास कागिसो रबादा और लुंगी एंगिडी जैसे तेज गेंदबाज हैं जो अकेले दम पर पर विरोधी टीम के बल्लेबाजी क्रम को ध्वस्त कर सकते हैं।
विकेटकीपर बल्लेबाज क्विंटन डिकॉक के 29 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने से दक्षिण अफ्रीका को झटका लगा है और इससे टीम का बल्लेबाजी क्रम और कमजोर होगा।
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पच्चीस साल के रेयान रिकलटन का दूसरे टेस्ट में पदार्पण तय है लेकिन अगर वह प्रभाव छोड़ने में सफल भी रहते हैं तो भी उनके लिए जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी जैसे तेज गेंदबाजों का लाल कूकाबूरा से सामना करना आसान नहीं होगा।
पैर की मांसपेशियों में चोट के कारण पहले टेस्ट से बाहर हुए डुआने ओलिवर के वियान मुल्डर की जगह खेलने की उम्मीद है लेकिन भारत के मजबूत बल्लेबाजी क्रम के खिलाफ उनकी राह आसान नहीं होगी।
निजी तौर पर कोहली ने पहले टेस्ट में राहत की सांस ली होगी क्योंकि भारतीय क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष सौरव गांगुली के साथ विवाद के बाद यह तय हो गया है कि वह अब बोर्ड के पसंदीदा नहीं हैं।
शतकों का सूख खत्म करने उतरेंगे कोहली : कोहली पिछले दो साल से अधिक समय से शतक जड़ने में नाकाम रहे हैं और उनकी नजरें इस सूखे को खत्म करने पर टिकी होगी। कोहली ने पहले टेस्ट से पहले और बाद में मीडिया का सामना नहीं किया और अब मुख्य कोच राहुल द्रविड़ एक बार फिर ‘द वॉल’ की भूमिका निभा रहे हैं।
द्रविड़ की भूमिका माहौल को शांत करने की है। वह पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि वह टीम के आंतरिक मामलों के बारे में बात नहीं करेंगे। मुख्य कोच एक बार मामले को ठंडा कर चुके हैं और रविवार को उनके एक बार फिर प्रेस कांफ्रेंस में चर्चा को क्रिकेट तक सीमित रखने की उम्मीद है।
अंतिम एकादश में बदलाव क संभावना कम : पांच गेंदबाजों के साथ उतरने की कोहली की चाहत के कारण संभावना कम ही है कि भारत की अंतिम एकादश में बदलाव होगा। भारत ने धीमी ओवर गति के कारण विश्व टेस्ट चैंपियनशिप तालिका में एक अंक गंवाया था और तेज गेंदबाजी की अनुकूल पिच पर चार तेज गेंदबाजों के साथ रविचंद्रन अश्विन गेंदबाजी क्रम का अहम हिस्सा होंगे।
शारदुल ठाकुर गेंदबाजी क्रम की सबसे कमजोर कड़ी हैं। उमेश यादव उनसे अधिक प्रभावी हैं लेकिन मुंबई के आलराउंडर की अहम समय पर विकेट चटकाने की क्षमता और बेहतर बल्लेबाजी उन्हें अंतिम एकादश में जगह बनाने का प्रबल दावेदार बनाती है।
उमेश यादव को मिल सकता है मौका : वांडरर्स की जीवंत पिच पर उमेश बुरा विकल्प नहीं होंगे फिर भले ही इसके लिए अतिरिक्त बल्लेबाज खिलाना पड़ा जो कोहली का तरीका नहीं है। जहां तक बल्लेबाजी क्रम का सवाल है तो अगर कोई बल्लेबाज अनफिट नहीं होता है तो इसमें बदलाव की संभावना कम है। सभी पांच विशेषज्ञ बल्लेबाज और विकेटकीपर ऋषभ पंत एक बार फिर अंतिम एकादश का हिस्सा होंगे।
पुजारा और रहाणे नई शुरुआत करना चाहेंगे : चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे को अभी टीम से बाहर नहीं किया जाएगा क्योंकि द्रविड़ उन्हें सफलता हासिल करने का पर्याप्त मौका देना चाहते हैं जिसके बाद ही श्रेयस अय्यर और हनुमा विहारी के नाम पर विचार किया जाएगा।
तीन बड़े खिलाड़ियों से बड़ी पारी का इंतजार है और अगर ये दोनों एक साथ फॉर्म में वापसी करते हैं तो फिर यह मेजबान टीम के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं होगा।
टीमें इस प्रकार हैं: भारत: विराट कोहली (कप्तान), लोकेश राहुल, मयंक अग्रवाल, चेतेश्वर पुजारा, श्रेयस अय्यर, ऋषभ पंत, रविचंद्रन अश्विन, शार्दुल ठाकुर, जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी, मोहम्मद सिराज, अजिंक्य रहाणे, रिद्धिमान साहा, जयंत यादव, प्रियांक पांचाल, उमेश यादव, हनुमा विहारी और इशांत शर्मा।
दक्षिण अफ्रीका: डीन एल्गर (कप्तान), तेंबा बावुमा, कागिसो रबादा, सेरेल इर्वी, ब्युरोन हैंड्रिक्स, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, लुंगी एंगिडी, ऐडन मार्कराम, वियान मुल्डर, कीगन पीटरसन, रासी वान डर डुसन, काइल वेरेन, मार्को जेनसन, ग्लेंटन स्टुरमैन, प्रेनेलान सुब्रायेन, सिसांदा मगाला, रेयान रिकलटन और डुआने ओलिवर।

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