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हैती के शरणार्थियों पर डोनाल्ड ट्रंप का ‘शर्मनाक’ बयान, बोले- इनमें से कई को AIDS, ये अमेरिका के लिए डेथ विश जैसे


अमेरिका में शरण की आस में इंतजार कर रहे हैती के शरणार्थी पर पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शर्मनाक बयान दिया है। उन्होंने दावा किया है कि इनमें से कई शरणार्थियों को शायद एड्स है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि इन शरणार्थियों को स्वीकार करना अमेरिका के लिए डेथ विश होगी। पिछले एक महीने से हैती से आए हजारों प्रवासी मेक्सिको सीमा पर शरण की आस में भूखे-प्यासे बैठे हुए हैं।
हैती से आ रहे हजारों शरणार्थी : बताया जा रहा है कि हैती में राष्ट्रपति की हत्या के बाद राजनीतिक उथल-पुथल और भूकंप से लोगों का पलायन और तेज हुआ है। कोलंबियाई शहर नेकोक्ली में हैती से आने वाले लोगों की संख्या तेजी से बढ़ी है। लोग हैती से पनामा के खतरनाक डेरियन गैप को पार कर, कोस्टारिका, निकारागुआ, ग्वाटेमाला और मेक्सिको के रास्ते अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंच रहे है।
खतरनाक डेरियन गैप को पैदल पार कर रहे : डेरियन गैप उत्तर और दक्षिण अमेरिका के बीच वर्षावन का 66-मील का हिस्सा है। यह इलाका इतना खतरनाक है कि इसे इसे अविकसित छोड़ दिया गया है। पानी, दलदल, घने जंगलों से घिरा यह इलाका इंसानों के रहने के लिए काफी कठोर है। इसके बावजूद लोग डेरियन गैप को पार करने का खतरा उठा रहे हैं। पनामा के अधिकारियों ने कहा है कि इस साल 70,000 से अधिक प्रवासियों ने डेरियन गैप से यात्रा की है।
ट्रंप बोले- हैती में एड्स बड़ी समस्या : ट्रंप ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में कहा कि हमारे पास हैती से सैकड़ों हजारों आए हैं। हैती में एड्स एक जबरदस्त समयस्या है। एड्स एक कदम आगे है। एड्स वास्तव में एक बुरी समस्या है। उनमें से कई लोगों को शायद एड्स होगा और वे हमारे देश में आ रहे हैं। और हम इसके बारे में कुछ नहीं करते हैं। हमने सबको अंदर आने दिया। उन्होंने कहा होस्ट से कहा कि यह एक मौत की इच्छा की तरह है। यह हमारे देश के लिए एक मौत की कामना की तरह है।
ट्रंप का दावा- 50 देश अपने कैदियों को अमेरिका भेज रहे : ट्रंप ने बिना सबूत के दावा किया कि होंडुरास, मैक्सिको और अल सल्वाडोर सहित ’50 देश’ ‘अपनी जेल खाली कर रहे हैं’ और कैदियों को अमेरिका भेज रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंने सुना है कि 50 देश हैं, जो अपनी जेलों को अमेरिका में खाली कर रहे हैं। पृथ्वी पर सबसे कठिन लोगों में से कुछ को अमेरिका में फेंक दिया जा रहा है क्योंकि वे उन्हें नहीं चाहते हैं।

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