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नंदू भैया के बेटे को टिकट पर शिवराज को ऐतराज, इसलिए फंसा खंडवा से बीजेपी उम्मीदवार का ऐलान!


मध्य प्रदेश में लोकसभा की एक और विधानसभा की तीन सीटों पर होने वाले उपचुनाव (MP By-Election 2021) के लिए कांग्रेस ने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं, लेकिन बीजेपी में अब भी मंथन चल रहा है। बीजेपी नेताओं का दावा है कि पार्टी अपने उम्मीदवार तय कर चुकी है और सही समय पर इसका ऐलान कर दिया जाएगा, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक कई दावेदार होने के चलते पार्टी को भितरघात का डर सता रहा है। सबसे ज्यादा समस्या खंडवा लोकसभा सीट को लेकर है जहां कम से कम चार लोग टिकट के लिए ताल ठोंक रहे हैं।
खंडवा लोकसभा सीट (Khandwa Lok Sabha Bypolls) के लिए भूतपूर्व सांसद नंदकुमार सिंह चौहान उर्फ नंदू भैया के बेटे हर्षवर्धन सिंह का नाम सबसे आगे है, लेकिन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान (CM Shivraj Singh Chouhan) उनके पक्ष में नहीं हैं। इसके संकेत तभी मिल गए थे जब शिवराज ने कुछ दिनों पहले कहा था कि बीजेपी में परिवारवाद के लिए जगह नहीं है। हालांकि, शिवराज का रुख हैरान करने वाला है क्योंकि नंदू भैया उनके करीबियों में गिने जाते थे। मुख्यमंत्री उनके अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए थे।
शिवराज के ऐतराज को देखते हुए बीजेपी नंदू भैया के निकट सहयोगी रहे राजपाल सिंह तोमर के नाम पर विचार कर रही है। भोपाल से लेकर दिल्ली तक उनके नाम पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन आम सहमति नहीं बन पा रही। ज्ञानेश्वर पाटिल और अर्चना चिटनिस भी अपनी दावेदारी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। इसलिए अब मामला पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया गया है। उम्मीद है कि संगठन इन चार में से किसी एक नाम पर मुहर लगा सकता है।
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तीन विधानसभा सीटों में से दो पर बीजेपी के लिए ज्यादा मुश्किलें नहीं हैं। रैगांव से पूर्व विधायक जुगल किशोर बागड़ी के बेटे पुष्पराज बागड़ी का नाम करीब-करीब तय है। हालांकि, उन्हें परिवार से ही चुनौती मिल रही है और 2013 में वे एक बार चुनाव हार चुके हैं, लेकिन बीजेपी को उम्मीद है कि सहानुभूति फैक्टर के सहारे उनकी नैया इस बार पार लग सकती है।
इसी तरह जोबट सीट से कांग्रेसे से बीजेपी में आई सुलोचना रावत का नाम केंद्रीय नेतृत्व के पास भेजा गया है। चर्चा है कि बीजेपी में लाने के लिए उन्हें टिकट का आश्वासन दिया गया था। इसलिए उनके नाम को मंजूरी मिल सकती है, लेकिन उनकी हार-जीत इस बात पर निर्भर होगी कि बीजेपी के पुराने कार्यकर्ताओं का उन्हें कितना सहयोग मिल पाता है।
तीनों विधानसभा सीटों में बीजेपी के लिए सबसे बड़ी समस्या पृथ्वीपुर है। यहां से गणेशीलाल नायक और शिशुपाल सिंह यादव टिकट के प्रबल दावेदार हैं। नायक बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष हैं जबकि यादव समाजवादी पार्टी से बीजेपी में आए हैं। यादव पिछले चुनाव में सपा के उम्मीदवार थे और दूसरे स्थान पर रहे थे। आम सहमति नहीं बन पाने के चलते इन दोनों के नाम केंद्रीय नेतृत्व को भेजे गए हैं।

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