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वजन घटाना चाहते हैं तो पहले इन 7 Hormones पर पाएं काबू

वजन घटाने के लिए आप कई तरह की क्रैश डाइट पर गए हैं? आपने सभी प्रकार के व्यायाम किए हैं? लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। वजन घटाने के लिए आपने जो कोशिश नहीं की वह आपके हार्मोन को नियंत्रित करना। जी हां, हार्मोन वजन को नियंत्रित करने में प्रमुख भूमिका निभाते हैं क्योंकि भूखों, स्ट्रेस के साथ शरीर में जमा वसा की मात्रा के लिए जिम्मेदार होते हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि वजन घटाने के लिए आपको किन हार्मोन्स को कैसे कंट्रोल करना है।
इंसुलिन : अग्नाशयी ग्रंथियों द्वारा निर्मित होने वाला यह हार्मोन चीनी और वसा को ऊर्जा में परिवर्तित करता है। अगर आप वजन कम करना चाहते हैं तो चीनी का सेवन कम करें।
लेप्टिन : शरीर में वसा कोशिकाएं हार्मोन लेप्टिन का स्राव करती हैं, जिसका कार्य आपके मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस को संकेत भेजकर भूख को नियंत्रित करना है। सूजन, हाइपोथैलेमस या इंसुलिन का बढ़ा हुआ स्तर इसके कार्य में बाधा बनता है, जिससे वजन बढ़ सकता है। इसे ठीक करने के लिए वसायुक्त, शर्करायुक्त भोजन की मात्रा पर रोक लगाए और प्रतिदिन व्यायाम करें।
घ्रेलिन : यह हार्मोन मस्तिष्क के हाइपोथैलेमस से संपर्क करता है और बताता है कि आपको कब खाना चाहिए। मगर, जब इस ‘हंगर हार्मोन’ का स्तर कम हो जाता है तो आफ ओवरईटिंग करने लगते हैं। ऐसे में घ्रेलिन के स्तर को सामान्य करने का सबसे अच्छा तरीका है कि आप प्रोटीन का सेवन सीमित करें।
कोर्टिसोल : कोर्टिसोल यानि ‘तनाव हार्मोन’ अधिवृक्क ग्रंथियों द्वारा स्रावित होता है। वजन कंट्रोल में रखना चाहते हैं तो कोर्टिसोल के अतिरिक्त उत्पादन को रोकना होगा। इसके लिए जितना संभव हो आराम करें और हैल्दी भोजन लें।
एस्ट्रोजन : एस्ट्रोजन का कम या ज्यादा स्तर भी बढ़ते वजन की वजह हो सकता है। ऐसे में इसे समान्य रखने के लिए फाइबर, फूलगोभी, गोभी, ब्रोकोली, आदि जैसी क्रूस वाली सब्जियों का अधिक सेवन करें।
न्यूरोपेप्टाइड वाई : भूख के लिए दो से अधिक हार्मोन जिम्मेदार हैं, जिसमें से न्यूरोपैप्टाइड वाई या एनपीवाई भी एक है। मस्तिष्क द्वारा निर्मित इस हार्मोन के स्तर में वृद्धि के कारण वजन बढ़ सकता है। इसे कंट्रोल करने के लिए भोजन में प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं।
ग्लूकागन या पेप्टाइड -1 (जीएलपी -1) : आपका पेट इस हार्मोन के उत्पादन के लिए जिम्मेदार है, जो शरीर में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रण रखता है। अगर शरीर पर्याप्त मात्रा में GLP-1 का उत्पादन ना कर पाए तो आप ओवरईटिंग करने लगते हैं, जो वजन बढ़ने की वजन है। इसे कंट्रोल करने के लिए प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ जैसे कि मट्ठा, मछली और दही आदि खाएं।

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