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February 28, 2026
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दुनिया के सामने चीन और अमेरिका ने श्रीलंका में क्यों की मुलाकात?

श्रीलंका में चीन के राजदूत क्यूई झेनहोंग ने सोमवार को कोलंबो में अपनी अमेरिकी समकक्ष जूली चुंग से मुलाकात की। इस दौरान दोनों राजदूतों ने आपसी हित के व्यापक विषयों पर चर्चा की और आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका की मदद करने का संकल्प जताया। वर्ष 1948 में मिली आजादी के बाद से श्रीलंका वर्तमान में सबसे खराब आर्थिक संकट का सामना कर रहा है। चीन के कारण ही अमेरिका को श्रीलंका में मिलेनियम चैलेंज कॉर्पोरेशन के रूप में कूटनीतिक हार मिली थी। इसके बावजूद मौका देखकर दोनों देश एक दूसरे से हाथ मिलने को तैयार हैं।
चीन ने बताया मुलाकात का कारण : श्रीलंका में चीनी दूतावास ने एक ट्वीट में कहा कि राजदूत क्यूई झेनहोंग ने 13 जून को चीनी दूतावास में अमेरिकी राजदूत जूली चुंग से मुलाकात की और पारस्परिक हित के व्यापक विषयों पर मैत्रीपूर्ण चर्चा की। चीन और अमेरिका मौजूदा कठिनाइयों से उबरने में श्रीलंका की मदद करने के लिए मिलकर काम कर सकते हैं।’’
अमेरिकी राजदूत बोलीं- विचारों का आदान-प्रदान हुआ : बैठक पर टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राजदूत चुंग ने कहा कि चर्चा के दौरान श्रीलंका की मौजूदा राजनीतिक और आर्थिक स्थिति पर ध्यान केंद्रित किया गया। साथ ही जोर दिया कि व्यापार निवेश एवं विकास के विषयों पर भी विचारों का अदान-प्रदान किया गया।
श्रीलंका को लेकर ट्रैवल एडवाइजरी भी जारी कर चुका है अमेरिका : इसी साल अमेरिका ने श्रीलंका में जारी राजनीतिक गतिरोध को देखते हुए अपने नागरिकों को ट्रैवल एडवाइजरी जारी की थी। इसमें कोविड-19 महामारी, आतंकवादी खतरों के अलावा ईंधन तथा दवा की कमी की ओर इशारा करते हुए अमेरिकी नागरिकों को आगाह किया था। विदेश मंत्रालय ने अपने नए परामर्श में श्रीलंका को स्तर-3 में रखा था। एडवाइजरी में कहा गया था कि कोविड-19, ईंधन तथा दवाओं की कमी पर गौर करते हुए श्रीलंका की यात्रा करने पर पुनर्विचार करें।

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